फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Reports on Hormuz opening if US pressure eases Oil prices fell after report Iranian officials reject claim

अमेरिकी दबाव घटे तो होर्मुज 7 दिन में खुल सकता है: रिपोर्ट आते ही तेल के दाम घटे; ईरानी अधिकारी बोले- दावा गलत

Wed, 23 Sep 2026 06:13 AM IST
ज्योति भास्कर अमर उजाला नेटवर्क, तेहरान/वॉशिंगटन।
अमर उजाला नेटवर्क, तेहरान/वॉशिंगटन। Published by: ज्योति भास्कर Updated Wed, 23 Sep 2026 06:13 AM IST
सार

अमेरिकी दबाव घटे तो ईरान सात दिन में होर्मुज खोल सकता है। ऐसी रिपोर्ट सामने आते ही तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई। हालांकि, ईरानी अधिकारी ने ऐसे दावे को गलत बताया है। जानिए क्या है पूरा मामला

विज्ञापन
Reports on Hormuz opening if US pressure eases Oil prices fell after report Iranian officials reject claim
होर्मुज समुद्री मार्ग - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ईरान ने कथित तौर पर संकेत दिया है कि यदि अमेरिका उस पर सैन्य दबाव कम करता है और ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी हटाता है, तो वह रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को सात दिनों के भीतर फिर से खोल सकता है। यह दावा रॉयटर्स और जापान की क्योदो न्यूज एजेंसी ने एक वरिष्ठ ईरानी सरकारी अधिकारी के हवाले से किया है।

विज्ञापन


होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल है। सामान्य परिस्थितियों में दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी आपूर्ति इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरती है। ऐसे में इसके लंबे समय तक बंद रहने या दोबारा खुलने की संभावना का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ता है।
विज्ञापन


खबर आते ही तेल कीमतों में गिरावट
होर्मुज को दोबारा खोलने की संभावना से जुड़ी रिपोर्ट सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में नरमी देखी गई। सीएनबीसी के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 2.6 प्रतिशत गिरकर 97.73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 3.1 प्रतिशत गिरकर 92.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाजार की प्रतिक्रिया इस बात को दर्शाती है कि होर्मुज के दोबारा खुलने की संभावना को वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस जलमार्ग से खाड़ी क्षेत्र के कई प्रमुख तेल उत्पादक देशों की ऊर्जा आपूर्ति दुनिया के दूसरे हिस्सों तक पहुंचती है।अमेरिका पर दबाव घटाने की शर्तरॉयटर्स और क्योदो की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की ओर से कथित तौर पर होर्मुज खोलने के लिए अमेरिका से सैन्य दबाव कम करने और ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी हटाने जैसी शर्तें रखी गई हैं।यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका ईरान पर आर्थिक और सैन्य दबाव बढ़ा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने हाल के दिनों में ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव और बढ़ाने के संकेत दिए हैं। अमेरिका ईरान से जुड़े वित्तीय संस्थानों और उसके कारोबारी नेटवर्क पर भी प्रतिबंध लगा रहा है।

ईरानी अधिकारी ने रिपोर्ट को बताया गलत
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण पेंच है। सीएनबीसी के मीडिया साझेदार एमएस नाउ से बातचीत में एक वरिष्ठ ईरानी सरकारी अधिकारी ने रॉयटर्स और क्योदो की रिपोर्ट को गलत बताया।सीएनबीसी ने भी कहा है कि वह रिपोर्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है। इसलिए सात दिनों में होर्मुज खोलने के कथित प्रस्ताव को फिलहाल ईरान की आधिकारिक घोषणा के तौर पर नहीं देखा जा सकता।

बाब-अल-मंदेब पर भी बढ़ा तनाव
होर्मुज के अलावा लाल सागर का बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य भी क्षेत्रीय तनाव के कारण महत्वपूर्ण बना हुआ है। ईरान समर्थित हूती समूह की ओर से समुद्री जहाजों और क्षेत्रीय ठिकानों पर हमलों की खबरों ने इस वैकल्पिक समुद्री मार्ग को लेकर भी चिंता बढ़ाई है।जी7 देशों ने हूती समूह के हमलों की निंदा करते हुए नागरिक समुद्री जहाजों पर हमले रोकने की अपील की है। समूह ने ईरान से भी हूतियों को समर्थन समाप्त करने का आह्वान किया है।बाब-अल -मंदेब लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच प्रमुख समुद्री मार्ग है। होर्मुज में किसी लंबे व्यवधान की स्थिति में वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए इस मार्ग का महत्व और बढ़ जाता है।


अब नजर अमेरिका-ईरान के अगले कदम पर
होर्मुज खोलने को लेकर सामने आई रिपोर्ट ने ऐसे समय में कूटनीतिक संभावनाओं की चर्चा बढ़ा दी है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है। यदि ईरान की ओर से ऐसा कोई औपचारिक प्रस्ताव सामने आता है और दोनों पक्ष शर्तों पर सहमत होते हैं, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है।फिलहाल हालांकि, सात दिनों में होर्मुज खोलने का दावा रॉयटर्स और क्योदो की रिपोर्ट पर आधारित है और ईरानी अधिकारी इसे खारिज कर चुका है। इसलिए इस घटनाक्रम पर आगे आने वाली आधिकारिक घोषणाओं और विश्वसनीय स्वतंत्र पुष्टि पर नजर बनी हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed