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Pakistan: अमेरिका हमारा पुराना दोस्त लेकिन चीन के साथ संबंधो पर नहीं होगा असर, ट्रंप की जीत पर पाकिस्तान

Fri, 08 Nov 2024 01:52 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 08 Nov 2024 01:52 AM IST
सार

डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद पाक और अमेरिका के संबंध को लेकर पाकिस्तान सरकार ने बयान जारी किया है। बयान में कहा गया कि पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्ते पुराने है लेकिन इसका असर चीन के साथ संबंध पर नहीं पड़ेगा।

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Relations with China will not be affected, said Mumtaz Baloch on Donald Trump's victory
शहबाज शरीफ, शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद पाकिस्तान का चीन के साथ संबंधो का समीकरण थोड़ा-बहुत हिलता हुआ नजर आ रहा है। बात इसकी पारदर्शिता की करें तो ये बात साफ तब हुई जब पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्ते लंबे समय से हैं और वे इन रिश्तों को और मजबूत करने की उम्मीद करते हैं। लेकिन इसका असर चीन के साथ संबंध पर नहीं पड़ेगा। 
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चीन के साथ बेहतर संबंध- पाकिस्तान 
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता से चीन के संबंध पर किए गए सवाल पर उन्होंने पत्रकारों से कहा कि पाकिस्तान और चीन के रिश्ते बहुत मजबूत और स्थिर हैं। ये रिश्ते सदाबहार और रणनीतिक हैं, जो किसी भी अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से प्रभावित नहीं होते। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान अपने देश में चीनी नागरिकों परियोजनाओं और संस्थाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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इसके साथ ही जब उनसे पूछा गया कि क्या ट्रंप पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति पर असर डाल सकते हैं या सरकार पर दबाव बना सकते हैं? इसके जवाब में उन्होंने इसे अटकलबाजी करार देते हुए कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्ते आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित हैं और दोनों देशों के बीच घरेलू मामलों में हस्तक्षेप नहीं होगा।
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कश्मीर मुद्दे पर भी की बात
वहीं कश्मीर के मुद्दे के सवाल पर बलूच ने कहा कि पाकिस्तान का रुख साफ है कि कश्मीर के लोग ही अपने भविष्य का फैसला करेंगे क्योंकि जम्मू-कश्मीर एक अंतरराष्ट्रीय विवादित क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि भारत को यह समझना चाहिए कि कश्मीर के लोगों की इच्छाओं को दबाया नहीं जा सकता और उन्हें अपने अधिकारों और स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए।

सिख तीर्थयात्रियों पर बोली बलूच 
बलूच ने बताया कि पाकिस्तान 15 नवंबर को गुरु नानक जयंती के अवसर पर सिख तीर्थयात्रियों का स्वागत करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच धार्मिक तीर्थयात्रियों का आदान-प्रदान 1974 के द्विपक्षीय प्रोटोकॉल के तहत होता है, और पाकिस्तान ऐसे धार्मिक अवसरों पर तीर्थयात्रियों को सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है।


जलवायु सम्मेलन की बैठक तय नहीं- पाकिस्तान
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने अजरबैजान के बाकू में जलवायु सम्मेलन पर भी बात की। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच कोई द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना पर कहा कि इस समय ऐसी कोई बैठक तय नहीं है। इसके साथ ही कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक की भूख हड़ताल के बारे में पूछे जाने पर बलूच ने भारतीय अधिकारियों से उनकी बेहतर चिकित्सा सुविधा देने और उन्हें तुरंत रिहा करने की अपील की।
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