नेपाल: राजतंत्र समर्थक पार्टी में उथल-पुथल, कमल थापा के हाथ से नेतृत्व निकला
लिंग्डेन की जीत की खबर आते ही महाराज ज्ञानेंद्र की पुत्रवधू हिमानी शाह के ट्विटर हैंडल से उन्हें बधाई संदेश भेजा गया। बधाई संदेश को टैग करते हुए कमल थापा ने जवाब दिया- चूंकि अब जल्द ही राजतंत्र की स्थापना हो जाएगी, इसलिए मैं हिमानी शाह को बधाई देना चाहता हूं...
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नेपाल में हिंदू राष्ट्र और राजतंत्र समर्थक प्रमुख दल- राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के सांगठनिक चुनाव में अप्रत्याशित नतीजे आए हैं। इनसे पार्टी के नेता कमल थापा को तगड़ा झटका है। नतीजों के एलान के बाद उनके लिए यह यकीन करना मुश्किल साबित हुआ कि पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव में वे हार गए हैं। इस सदमे का इजहार उनके ट्विट से भी हुआ। अब राजेंद्र लिंग्डेन पार्टी के नए अध्यक्ष चुने गए हैं।
पूर्व राजा ज्ञानेंद्र को दोषी ठहराया
अपने ट्विट में थापा ने अपनी हार के लिए पूर्व राजा ज्ञानेंद्र को दोषी ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेंद्र ने राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के अंदरूनी मामलों में दखल दिया है। अध्यक्ष पद के चुनाव में 65 वर्षीय थापा को 58 वर्षीय लिंग्डेन ने 200 से अधिक वोटों से हरा दिया। पर्यवेक्षकों का कहना है कि जब लिंग्डेन ने चनाव लड़ने का एलान किया था, तब यह अनुमान लगाया था कि इस बार थापा को कड़ी चुनौती मिलेगी। लेकिन थापा हार जाएंगे, यह अंदाजा शायद किसी को नहीं था।
पर्यवेक्षकों के मुताबिक वैसे थापा इस बात पर संतोष कर सकते हैं कि पार्टी पदाधिकारियों के चुनाव में ज्यादा उम्मीदवार उनके पैनल के ही जीते हैं। लिंग्डेन नेपाली संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के सदस्य हैं। 2017 के आम चुनाव में वे चर्चा में आए थे, जब उन्होंने नेपाली कांग्रेस वरिष्ठ नेता कृष्ण प्रसाद सितौला को हरा दिया था। उससे राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी में भी उसकी हैसियत बढ़ी, जिस पर अब तक थापा का पूरा नियंत्रण था।
नेपाली मीडिया के विश्लेषणों में बताया गया है कि लिंग्डेन को पार्टी के युवा नेताओं का समर्थन मिला। पार्टी के युवकों की शाखा- युवा संगठन के अध्यक्ष फणिराज लोहानी ने अखबार काठमांडू पोस्ट से कहा- ‘हमने महसूस किया था कि थापा के नेतृत्व में पार्टी का कोई भविष्य नहीं है। इसलिए पार्टी का युवा वर्ग परिवर्तन चाहता था।’ उन्होंने कहा- ‘ज्यादातर हिंदूवादी और राजतंत्र समर्थक संगठनों ने भी कहा कि अगर राजेंद्र लिंग्डेन उम्मीदवार बनें, तो वे उनका समर्थन करेंगे।’
फिर से राजतंत्र की ओर नेपाल!
लिंग्डेन की जीत की खबर आते ही महाराज ज्ञानेंद्र की पुत्रवधू हिमानी शाह के ट्विटर हैंडल से उन्हें बधाई संदेश भेजा गया। हालांकि नेपाली अखबारों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि ये ट्विटर हैंडल महाराज की पुत्रवधू ही चलाती हैं। लेकिन इस ट्विटर हैंडल से जारी बधाई संदेश को टैग करते हुए कमल थापा ने जवाब दिया- चूंकि अब जल्द ही राजतंत्र की स्थापना हो जाएगी, इसलिए मैं हिमानी शाह को बधाई देना चाहता हूं।
राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी राजतंत्र के तहत काम करती थी। पर्यवेक्षकों का कहना है कि नेपाल में लोकतंत्र समर्थक दलों के भीतर अंदरूनी लड़ाई लगातार जारी रहने के कारण देश के बहुत से लोग फिर से राजतंत्र का समर्थन करने लगे हैं। ऐसे में आने वाले चुनावों में राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी अपनी ताकत बढ़ने की उम्मीद कर रही है। लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि उसके सामने भी असल समस्या अंदरूनी झगड़ों की रही है, जो कमल थापा के हारने के बाद और बढ़ सकती है।