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राफेल सौदा: दसॉल्ट एविएशन ने साफ किया, 36 विमानों की आपूर्ति में करार का कोई उल्लंघन नहीं हुआ
Thu, 08 Apr 2021 09:38 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 08 Apr 2021 09:38 PM IST
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राफेल विमान
- फोटो : स्पेशल अरेंजमेंट
भारत में राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए हुए सौदे पर लगाए गए कई आरोपों पर यह विमान बनाने वाली फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन ने स्पष्टीकरण जारी किया है। कंपनी ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा है कि 36 राफेल लड़ाकू विमानों की आपूर्ति के लिए भारत के साथ साल 2016 में किए गए सौदे में अनुबंध संरचना का किसी भी तरह उल्लंघन नहीं किया गया है।
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उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही फ्रांसीसी मीडिया प्रकाशन ‘मीडियापार्ट’ ने देश की भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी की जांच का हवाला देते हुए खबर प्रकाशित की थी कि ‘दसॉल्ट एविएशन’ ने इस सौदे के लिए एक भारतीय बिचौलिए को दस लाख यूरो की रिश्वत दी थी। दसॉल्ट एविएशन के एक प्रवक्ता ने कहा,फ्रांसीसी भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी समेत कई आधिकारिक संगठनों द्वारा बहुत सी जांच की जाती हैं।
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'No violation in the contract signed in 2016 with India for the supply of 36 Rafale combat aircraft,' says Dassault Aviation pic.twitter.com/hYJhWvYDFv
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 8, 2021
प्रवक्ता ने कहा कि 36 विमानों की खरीद में भारत के साथ हुए अनुबंध की संरचना का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। अधिकारी ने कहा कि दसॉल्ट एविएशन ने दोहराया कि वह आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) के रिश्वत रोधी प्रस्ताव और राष्ट्रीय कानूनों का कड़ाई से पालन करती है।
बता दें कि केंद्र की भाजपा नीत राजग सरकार ने फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल जेट खरीदने के लिए 23 सितंबर, 2016 को 59,000 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। लोकसभा चुनाव,2019 से पहले कांग्रेस ने विमान की दरों और कथित भ्रष्टाचार सहित इस सौदे को लेकर कई सवाल खड़े किए थे, लेकिन सरकार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया था।