Qin Gang Pakistan Visit: आर्थिक मदद का लालच देते पाकिस्तान की यात्रा शुरू की चीनी विदेश मंत्री ने
चिन ने इस्लामाबाद पहुंचने के तुरंत बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से मिलने गए। इस मुलाकात के दौरान पाकिस्तान की विदेश राज्यमंत्री हिना रब्बानी खार, चीन के उप विदेश मंत्री सुन वेइदोंग और दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे...
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चीन के विदेश मंत्री चिन गांग की शुक्रवार से शुरू हुई इस्लामाबाद यात्रा से पाकिस्तान में ऊंची उम्मीदें जगी हैं। चिन ने यहां पहुंचने के बाद यह कहा कि वे पाकिस्तान की आर्थिक मुश्किलों से परिचित हैं और पाकिस्तान की मदद करना उसकी ‘प्राथमिकता’ है। चिन शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की भारत में हुई बैठक में भाग लेने के बाद यहां पहुंचे। पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो भी इस बैठक के लिए भारत गए थे।
चिन ने यहां पहुंचने के तुरंत बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से मिलने गए। इस मुलाकात के दौरान पाकिस्तान की विदेश राज्यमंत्री हिना रब्बानी खार, चीन के उप विदेश मंत्री सुन वेइदोंग और दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बाद में पाकिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने “क्षेत्रीय शांति और समृद्धि” के लिए काम करने और “मिल कर बाहरी चुनौतियों का सामना करने” का संकल्प जताया है।
विश्लेषकों के मुताबिक पाकिस्तान को उम्मीद है कि चिन अपनी यात्रा के दौरान पाकिस्तान को विशेष आर्थिक सहायता देने का वादा करेंगे। चीन ने गुजरे महीनों में भी पाकिस्तान को आर्थिक सहायता दी है। हाल ही में उसने लगभग 58 बिलियन डॉलर के निवेश से अपने यहां से पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित ग्वादार तक रेल लाइन बिछाने की योजना घोषित की है। इसके तहत पाकिस्तान में चीन बड़ा निवेश करेगा। इसके चीन-पाकिस्तान इकॉनमिक कोरिडोर (सीपीईसी) परियोजना के तहत वह पहले ही पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य कर चुका है। सीपीईसी चीन की महत्त्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव परियोजना का हिस्सा है।
जानकारों के मुताबिक इन परियोजनाओं के कारण पाकिस्तान में चीन की पकड़ बेहद मजबूत हो गई है। जबकि खासकर बलूचिस्तान में चीन की पैठ के खिलाफ जन भावनाएं उभार पर रही हैं। कई हलकों से इन परियोजनाओं के कारण पाकिस्तान के चीन के कर्ज जाल में फंसने का अंदेशा भी जताया गया है। इसके बावजूद पाकिस्तान सरकार चीन से करीबी बढ़ाने की नीति पर चलना जारी रख रही है।
चिन गांग ने शुक्रवार को यहां कहा कि चीन और पाकिस्तान की “दोस्ती” हर स्थिति में खरी उतरी है। उन्होंने कहा- यह दोस्ती ‘चट्टान की तरह’ मजबूत है। चिन ने कहा- ‘तेजी से बदल रही दुनिया के बीच जरूरत इस बात की है कि पाकिस्तान और चीन अपनी दोस्ती को और मजबूत बनाएं। वे अपने द्विपक्षीय सहयोग को उतना मजबूत करें, जिससे वे क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का मुकाबला कर सकें।’ पर्यवेक्षकों के मुताबिक चिन की इस टिप्पणी पर पड़ोसी देश भारत और पश्चिमी देशों में खास गौर किया जाएगा।
चिन गांग ने कहा कि उनके देश के लिए पाकिस्तान की मदद करना प्राथमिकता है। इस सिलसिले में उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि चीन ने पाकिस्तानी छात्रों को चीन में पढ़ने का मौका देने का निर्णय लिया है।
उधर पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने चीनी विदेश मंत्री को आश्वासन दिया कि पाकिस्तान सीपीईसी और ग्वादार बंदरगाह के निर्माण का कार्य पूरा करने को लेकर वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से द्विपक्षीय व्यापार के साथ-साथ क्षेत्रीय व्यापार और संपर्क बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण मदद मिलेगी।