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अमेरिकी संसद में सिखों के योगदान-बलिदान पर प्रस्ताव पेश

Sat, 02 Nov 2019 06:23 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 02 Nov 2019 06:23 AM IST
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Proposal on contribution sacrifice of Sikhs in US Parliament
सिख - फोटो : Facebook

सिखों के संस्थापक गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के अवसर पर अमेरिका में सिख समुदाय के योगदान, बलिदान तथा देश-दुनिया में उनके साथ हुए भेदभाव को रेखांकित करने के लिए अमेरिकी संसद में प्रस्ताव पेश किए गए हैं। सीनेटर टॉड यंग और बेन कार्डिन द्वारा पेश प्रस्तावों में से एक में 12 नवंबर को गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व का उल्लेख है।

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यंग ने कहा, ‘यह प्रस्ताव अमेरिकी सिखों का सम्मान करता है, जो हमारे देश की समृद्ध संस्कृति और विविधता का अभिन्न हिस्सा हैं। इंडियाना में 10,000 से अधिक सिखों का घर है और मैं उनके सम्मान में पहला प्रस्ताव पेश कर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। यह विश्व का पांचवां सबसे बड़ा धर्म है, जिसके योगदान से होजियर (इंडियाना प्रांत के मूल निवासी) समुदाय समृद्ध हुआ है।’
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सिखों के प्रति सम्मान जताते हुए प्रस्ताव में अमेरिका और दुनिया भर में सिखों के साथ हुए भेदभाव का भी जिक्र किया गया। कार्डिन ने सिखों का उनके सामाजिक, सांस्कृतिक व आर्थिक क्षेत्र में योगदान और नस्लीय व धार्मिक भेदभाव के खिलाफ खड़े होने के उनके साहस की सराहना भी की। कार्डिन ने कहा, ‘सिख अमेरिकी कई पीढ़ियों से अमेरिका का एक गौरवपूर्ण हिस्सा रहे हैं और वे देश तथा उन समुदायों को समृद्ध करना जारी रखेंगे, जिनमें वे रहते हैं।

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प्रस्ताव में चार महान सिखों का जिक्र

अमेरिकी सीनेटर ने अपने प्रस्ताव में चार महान सिखों के अमेरिका में योगदान का जिक्र भी किया। इनमें पहले एशियाई-अमेरिकी सांसद सिख दलीप सिंह सौंद हैं, जिन्हें 1957 में चुना गया था। फाइबर ऑप्टिक्स के आविष्कारक डॉ. नरिंदर कपानी, अमेरिका में आड़ू के सबसे बड़े उत्पादक दीनार सिंह बैंस और प्रतिष्ठित ‘रोजा पार्क्स ट्रेलब्लेजर’ पुरस्कार विजेता गुरिंदर सिंह खालसा शामिल हैं। विश्व युद्धों के दौरान अमेरिका को अपनी सेवा देने वाले भगत सिंह थिंद की भी प्रस्ताव में सराहना की गई है।

 
कॉक्स ने भी पेश किया प्रस्ताव

अमेरिकी संसद में एक अन्य प्रस्ताव सांसद टी. जे. कॉक्स द्वारा पेश किया गया जिसके 67 अन्य सह प्रस्तावक थे। इसमें भी अमेरिका में सिख समुदाय के लोगों के योगदान को सराहा गया। इंडियाना निवासी खालसा ने कहा, ‘यह अमेरिका में सिखों के लिए महान दिन है कि समुदाय के योगदान को रेखांकित करने वाले प्रस्ताव हाउस और सीनेट में पेश किए गए।’

ड्यूटी पर मारे गए धालीवाल के सम्मान में भी प्रस्ताव पेश

सितंबर में टेक्सास में यातायात ड्यूटी के दौरान मारे गए भारतीय-अमेरिकी पुलिस अधिकारी संदीप सिंह धालीवाल की हत्या पर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक कांग्रेसनल प्रस्ताव पेश किया गया है। प्रस्ताव में धालीवाल के दुखद निधन पर शोक जताते हुए उन्हें निस्वार्थ नायक के रूप में सम्मान दिया गया। उनके उल्लेखनीय योगदान को सराहा गया। महिला सांसद लिज्जे फ्लेचर ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, धालीवाल ने बिना किसी बाधा के अपने पगड़ी, कड़ा, और केश समेत सिख निशानियों को बनाए रखते हुए भरोसे के साथ देश की सेवा की। इस प्रस्ताव को 15 अन्य कांग्रेस सदस्यों (सांसदों) ने स्पांसर किया।

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