G20 Summit: प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के बाली पहुंचे, 17वें G20 शिखर सम्मेलन में आज लेंगे भाग
जी-20 समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17वें G20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इंडोनेशिया के बाली पहुंच गए हैं। पीएम मोदी का बाली हवाईअड्डा पहुंचने पर पारंपरिक शैली में गर्मजोशी और रंगारंग तरीके से स्वागत किया गया। होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी का हर्षोल्लास से स्वागत किया। पीएम मोदी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के आमंत्रण पर जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi receives a warm welcome from Indians in Bali, Indonesia. pic.twitter.com/wKSlqoO8rT
— ANI (@ANI) November 14, 2022विज्ञापन
वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों में भी लेंगे हिस्सा
पीएम मोदी जी-20 शिखर सम्मेलन और इससे इतर वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। दो दिवसीय जी-20 शिखर सम्मेलन मंगलवार को शुरू हो रहा है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक समेत दुनिया की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के नेता शामिल होंगे।
शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी शामिल होने वाले हैं। जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर मोदी की कई नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें होंगी, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच अलग से बैठक होगी या नहीं। अगर ऐसा हुआ तो जून 2020 में गलवां घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच सीमा संघर्ष के बाद से दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की बातचीत होगी। सितंबर में उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में दोनों की मुलाकात नहीं हुई थी।
जी-20 वैश्विक आर्थिक सहयोग का एक प्रभावशाली संगठन है। यह वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से अधिक और विश्व की लगभग दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। इंडोनेशिया जी-20 का वर्तमान अध्यक्ष है। भारत एक दिसंबर से औपचारिक रूप से जी-20 की अध्यक्षता संभालेगा।
जी-20 समूह दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी मंच है। इसमें अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।
भारत और कनाडा के बीच असीमित संख्या में उड़ानें जल्द, G20 शिखर सम्मेलन से पहले ट्रूडो ने की घोषणा
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार को भारत के साथ एक समझौते की घोषणा की, जो दोनों देशों के बीच असीमित संख्या में उड़ानों की अनुमति देगा। जी20 शिखर सम्मेलन से पहले बाली में 'बिजनेस 20' कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे ट्रूडो ने कहा कि दोनों देशों के बीच सामानों और लोगों की तेज और आसान आवाजाही से आपसी व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज, हम कनाडा और भारत के बीच एक समझौते की घोषणा कर रहे हैं, जो हमारे दोनों देशों के बीच असीमित संख्या में उड़ानों की अनुमति देगा।
उन्होंने कहा कि सामानों और लोगों की आवाजाही तेज और आसान बनाने से कनाडा और भारत के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा और हमारे व्यवसायों को बढ़ने और सफल होने में मदद मिलेगी। ट्रूडो ने कहा कि कनाडा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बड़ा निवेश कर रहा है जो लंबी अवधि में उसके जुड़ाव को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा, "उदाहरण के लिए, हम दक्षिणपूर्व एशिया में नए कनाडाई व्यापार गेटवे में निवेश कर रहे हैं जो कनाडाई व्यवसायों को इस गतिशील क्षेत्र में व्यापार नेटवर्क से जोड़ने वाले नए बाजारों के विस्तार करने में मदद करेगा। कनाडा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र हमारे लोगों के बीच मजबूत संबंध साझा करते हैं और हम इन संबंधों को और भी मजबूत बनाएंगे।"
ट्रूडो ने कहा कि वैश्विक कारोबार और वाणिज्य को अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था द्वारा स्थापित पूर्वानुमान और विश्वसनीयता की आवश्यकता है और कनाडा हमेशा इसके साथ खड़ा रहेगा।कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा कि वह कंबोडिया से बाली पहुंचे हैं, जहां यह घोषणा की गई कि कनाडा आसियान के साथ अपने संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ा रहा है।