फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   President Recep Tayyip Erdogan wants a new constitution for Turkey

Turkey President: एर्दोगन तुर्की के लिए चाहते हैं नया संविधान, महिलाओं को मिले शिक्षा और रोजगार का अवसर

Mon, 31 Oct 2022 08:52 AM IST
वीरेंद्र शर्मा वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, साइप्रस
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, साइप्रस Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Mon, 31 Oct 2022 08:52 AM IST
सार

राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने कहा किहम अपने गणतंत्र की 100वीं वर्षगांठ को एक नए युग का टर्निंग पॉइंट बनाना चाहते हैं जो तुर्की में अपनी शैली, कार्यप्रणाली और परिणामों के साथ राजनीति को बदल देगा।

विज्ञापन
President Recep Tayyip Erdogan wants a new constitution for Turkey
तुर्की राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने अकारा में पिछले शुक्रवार को दिए एक भाषण में नए संविधान का वादा किया जो नागरिकों के अधिकारों और स्वतंत्रता की गारंटी देगा। एर्दोगन ने कहा कि 1980 में सैन्य तख्तापलट के बाद तैयार किए गए संविधान से सेल्फ जीवन पहले ही समाप्त हो चुका है। 
विज्ञापन


तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि नया संविधान कानून, बहुलवाद और समानता के शासन को मजबूत करेगा। भले ही हाल के वर्षों में उनके शासन ने सभी को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है जैसा कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों की प्रासंगिक रैंकिंग द्वारा दिखाया गया है। 28 अक्तूबर को एर्दोगन ने तुर्की दृष्टि की शताब्दी की घोषणा की। उन्होंने दावा किया कि अगले साल तुर्की गणराज्य की 100वीं वर्षगांठ पर  एक नहीं सदी शुरू होगी।
विज्ञापन


राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने कहा किहम अपने गणतंत्र की 100वीं वर्षगांठ को एक नए युग का टर्निंग पॉइंट बनाना चाहते हैं जो तुर्की में अपनी शैली, कार्यप्रणाली और परिणामों के साथ राजनीति को बदल देगा। राष्ट्र की उन्नति के लिए एक नया संविधान लाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इसे संसद और राष्ट्र की मंजूरी के साथ लागू किया जाएगा। यह हमारे देश का सबसे मौलिक अधिकार है, जिसने एक हजार साल तक अपनी मातृभूमि की रक्षा करने की लिए एक बड़ी कीमत  चुकाई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एर्दोगन ने कहा कि 1982 में पारित संविधान में 19 बार संशोधन किया गया था, और संवैधानिक संशोधनों के लिए तीन जनमत संग्रह 2007, 2010 और 2017 में किए गए। अप्रैल 2017 में आपातकाल की स्थिति के तहत आयोजित संवैधानिक जनमत संग्रह एकेपी और एमएचपी पार्टी द्वारा लाया गया। 


उन्होंने कहा कि संविधान संशोधनों का मसौदा अगले सप्ताह प्रस्तुत किया जाएगा जो यह सभी लड़कियों की शिक्षा और रोजगार के अधिकारों को सुनिश्चित करेगा। एर्दोगन और उनके सहयोगी देवलेट बाहसेली संविधान को इस तरह से बदलना चाहते हैं जो उनके अपने चुनावी उद्देश्य के अनुकूल हो, लेकिन उनके पास ऐसा करने के लिए आवश्यक वोट नहीं हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed