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अमेरिका में बदल रहा चुनाव, 65 फीसदी अमेरिकी डाक से वोट डालने की तैयारी में, जानें सब कुछ

Tue, 18 Aug 2020 03:25 PM IST
अमित कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन 
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन  Published by: अमित कुमार Updated Tue, 18 Aug 2020 03:25 PM IST
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Postal voting in the US Elections: Know everything about it, Why President Trump is opposing
Postal Ballot - फोटो : Social Media

कोरोना वायरस के प्रकोप ने दुनिया को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। कोई भी देश इससे अछूता नहीं रहा है। अमेरिका में नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। मगर संक्रमण के डर से कई अमेरिकी प्रांतों ने मतदाताओं को मतदान केंद्र तक आने के बजाय डाक से वोट करने की अनुमति दी है। 

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हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसके पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि इससे चुनावों में गड़बड़ी की आशंका बढ़ जाएगी। यहां तक कि राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के प्रतिनिधि पूरी तरह से इसमें जुटे हुए हैं कि पोस्टल बैलेट का इस्तेमाल बहुत ज्यादा न हो। जबकि डेमोक्रेट्स इसे कोरोना वायरस के बहाने चुनावी सुधार के रूप में देख रहे हैं। कोरोना काल के दौरान अमेरिका में वोटिंग कैसे होगी? इस बार डाक मतपत्र की हिस्सेदारी कितनी होगी? इससे परिणामों पर क्या असर पड़ सकता है? इसके अलावा और किन विकल्पों पर चर्चा चल रही है? आइए जानते हैं...इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब। 

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इस साल करीब तीन गुना ज्यादा पोस्टल बैलेट 

Postal voting in the US Elections: Know everything about it, Why President Trump is opposing
US Election - फोटो : Social Media

साल 2016 में हुए अमेरिकी चुनावों में डाक मत पत्रों की हिस्सेदारी करीब 24 फीसदी के करीब थी। मगर इस साल नवंबर में होने वाले चुनावों में 64 फीसदी से भी ज्यादा वोटिंग पोस्टल वोट के जरिए ही हो सकती है। इस वजह से डेमोक्रेट्स अमेरिका के डाक विभाग में सुधार के लिए अतिरिक्त बजट की भी मांग कर रहे हैं। हालांकि ट्रंप प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं है और इस पर वोटिंग की मांग की जा रही है। 

इन छह राज्यों ने की खास तैयारी 
अमेरिका में डाक से वोटिंग कराने का अधिकार प्रांतों के पास है। ऐसे में छह प्रांत ऐसे हैं, जिनकी योजना 100 फीसदी डाक वोटिंग कराने की है। कोरेलेडो, हवाई, ओरेगन, उताह और वॉशिंगटन के अलावा अब इस सूची में कैलिफोर्निया भी जुड़ गया है। माना जा रहा है कि समय के साथ प्रांतों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। इन राज्यों में अपने आप ही सारे वोटर पोस्टल वोट के लिए पंजीकृत हो जाएंगे। मतदान वाले दिन इन्हें अपना वोट डाक के जरिए देना होगा। हालांकि आपात स्थिति के लिए कुछ मतदान केंद्र भी बनाए जाएंगे।  

क्या हैं नियम, ट्रंप खुद कर चुके हैं इसका इस्तेमाल  

Postal voting in the US Elections: Know everything about it, Why President Trump is opposing
अमेरिकी चुनाव - फोटो : ANI

अमेरिका में करीब 50 फीसदी राज्यों में निवेदन के बाद डाक से वोट देने का प्रावधान है। जबकि बाकी राज्यों में आपको उचित कारण बताना होता है। मसलन अगर आपकी उम्र 65 साल से ज्यादा है, आप बीमार हैं या फिर अपने राज्य से बाहर हैं। रोचक बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूर्व में खुद भी इस अधिकार का इस्तेमाल कर चुके हैं। इस साल फ्लोरिडा में हुए चुनावों में उन्होंने वॉशिंगटन में रहते हुए वोट किया था। 


चुनावी गड़बड़ी की कितनी आशंका 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पोस्टल वोटिंग की वजह से चुनावों में गड़बड़ी की आशंका काफी ज्यादा बढ़ सकती है। हालांकि कई मीडिया खबरों की मानें तो पिछले कई वर्षों में पोस्टल वोटिंग में बहुत ज्यादा गड़बड़ी के सबूत नहीं मिले हैं। 

हालांकि 2018 नॉर्थ कैरोलिना के शुरुआती चुनावों में कुछ गड़बड़ी देखने को मिली, लेकिन रिपब्लिकन उम्मीदवार से सलाह के बाद चुनावों को फिर से कराया गया। इसी तरह न्यू जर्सी में डेमोक्रेट्स के दो नेताओं ने भी पोस्टल वोटिंग में गड़बड़ी की आशंका जताई थी। दरअसल उस समय सैकड़ों वोट पोस्ट बॉक्स में भरे मिले थे।  

2017 में हुए एक अध्ययन के मुताबिक पोस्टल वोटिंग में गड़बड़ी की आशंका 0.00004% और 0.0009% है। 2000 से 2012 के बीच एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक लाखों वोटों में सिर्फ 491 मामले गड़बड़ी के मिले हैं।

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इस साल बनेगा नया इतिहास 

Postal voting in the US Elections: Know everything about it, Why President Trump is opposing
US election - फोटो : PTI
अमेरिका में हुए चुनावों की बात करें, तो पोस्टल वोट का बहुत ज्यादा इस्तेमाल पूर्व में नहीं हुआ है। साल 2016 में करीब एक चौथाई वोट इसी के माध्यम से आए थे, जो इतिहास में सबसे ज्यादा थे। मगर इस बार यह रिकॉर्ड टूटने वाला है। साल 2004 में महज 12.1 फीसदी अमेरिकियों ने डाक से वोट दिया था जबकि 8.4 प्रतिशत वोट चुनाव से पहले डाले गए थे। साल 2016 में चुनाव वाले दिन अनुपस्थिति के नाम पर 17.7 फीसदी वोट पड़े। जबकि 5.9 प्रतिशत वोट डाक से आए। 17.2 फीसदी वोटरों ने पहले वोट करने के अधिकार का इस्तेमाल किया था। 



2016 में इन राज्यों में 50 फीसदी से ज्यादा पोस्टल वोट 

ओरेगन प्रांत में 20 लाख से ज्यादा वोटर हैं। रोचक बात यह है कि 2016 में यहां 100 फीसदी नागरिकों ने पहले वोट, अनुपिस्थिति अधिकार का इस्तेमाल किया। इसी तरह वॉशिंगटन में 97.7 फीसदी और कोलेरेडा ने 94 फीसदी वोट इसी के जरिए डाले गए। पिछले चुनाव में 16 राज्यों में पोस्टल वोट का प्रतिशत 50 फीसदी से ज्यादा रहा। 


                                                                                                                                                                                        (स्रोत : यूएस इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन)
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