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पाकिस्तान: ईशनिंदा के आरोपी की हत्या के मामले 75 गिरफ्तार, 800 से ज्यादा संदिग्धों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
Mon, 13 Feb 2023 07:58 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 13 Feb 2023 07:58 PM IST
सार
पुलिस के मुताबिक, 800 से ज्यादा संदिग्धों के खिलाफ वारिस की हत्या, पुलिसकर्मियों पर हमला करने और पुलिस थाने में तोड़फोड़ करने के आरोप में आंतकवाद और दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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पुलिस थाने पर हमला
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में ईशनिंदा के आरोपी को पीट-पीटकर मार डालने के आरोप में कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक (टीएलपी) के सदस्यों समेत 75 से ज्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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ननकाना साहिबा के वारबर्टन में हिंसक भीड़ ने शनिवार को पुलिस थाने पर धावा बोला और कुरान को अपवित्र करने के आरोपी वारिस अली इस्सा को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उसे मारते हुए घसीटते हुए कई किलोमीटर ले गए और उसे आग के हवाले कर दिया।
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पुलिस के मुताबिक, 800 से ज्यादा संदिग्धों के खिलाफ वारिस की हत्या, पुलिसकर्मियों पर हमला करने और पुलिस थाने में तोड़फोड़ करने के आरोप में आंतकवाद और दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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ननकाना साहिब के जिला पुलिस अधिकारी असीम इफ्तिखार ने कहा, अब तक हमने 75 से ज्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। विभिन्न मोबाइल वीडियो और सीसीटीवी क्लिप के जरिए संदिग्धों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। वारिस की नृशंस हत्या में एक धार्मिक संगठन (टीएलपी) के कार्यकर्ता भी शामिल थे।
A mob lynched a person, who was arrested by police on #blasphemy charges, after attacking a police station in Nankana Sahab, Punjab, #Pakistan pic.twitter.com/qPR2g72Pqs
— Mubashir Zaidi (@Xadeejournalist) February 11, 2023
इफ्तिखार ने कहा, धार्मिक कट्टरपंथियों ने मस्जिदों से घोषणाओं के जरिए लोगों को पुलिस थाने में घुसने और ईशनिंदा के आरोपी को अपने कब्जे में लेने के लिए उकसाया। पुलिस ने वारिस को लोगों के गुस्से से बचाने के लिए उसे थाने के बाथरूम में छिपा दिया था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टीएलपी कार्यकर्ताओं को भड़काने और भीड़ का नेतृत्व करने में शामिल थी। लिंचिंग में गिरफ्तार किए गए लोगों में टीएलपी के कम से कम 10 सदस्य शामिल हैं। इस जघन्य अपराध में शामिल टीएलपी के शेष कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। उन्होंने कहा कि वारिस के कुछ पड़ोसियों ने वारिस पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वारिस ने जादू-टोने के लिए पवित्र पन्नों पर अपनी पूर्व पत्नी की तस्वीरें और चाकू चिपकाया।
वारिस के खिलाफ साल 2019 में ईशनिंदा का आरोप लगा था। उसे हाल ही में जेल से रिहा किया गया था। उसके खिलाफ ईशनिंदा का आरोप साबित न होने पर अदालत ने उसे निर्दोष घोषित कर दिया था। वारिस की मां नूरन बीबी ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा निर्दोष था क्योंकि उसने कभी जादू-टोना नहीं किया।
उन्होंने कहा, वारिस कुछ साल पहले अपनी पत्नी को तलाक देने के बाद वारबर्टन में अपने छोटे से घर में मेरे साथ रह रहा था। तलाक के बाद वह मानसिक रूप से परेशान था। उसकी मां ने संदेह जताया कि उसके बेटे का उसके दोस्त मुहम्मद बूटा के साथ पैसे का विवाद था। उन्होंने आरोप लगाया, मेरे बेटे के खिलाफ ईशनिंदा के इस झूठे आरोप के पीछे बूटा का हाथ लगता है।
दिसंबर 2021 में पंजाब के सियालकोट शहर में टीएलपी के सदस्यों सहित भीड़ ने एक स्थानीय कारखाने में प्रबंधक के रूप में काम करने वाले एक श्रीलंकाई व्यक्ति को ईशनिंदा के आरोपों पर मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना की व्यापक निंदा हुई थी। पिछले साल लाहौर की एक आतंकवाद रोधी अदालत ने श्रीलंकाई नागरिक प्रियांथा कुमारा की पीट-पीटकर हत्या के मामले में शामिल 88 संदिग्धों को सजा सुनाई थी। उनमें से छह को मौत की सजा सुनाई गई थी।