पीएम मोदी को मिलेगा रूस का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान, ऊर्जा-व्यापार और रक्षा क्षेत्र में हुए समझौते
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम की बैठक में भाग लेने के लिए रूस पहुंचे
- चार सितंबर को पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मसलों पर बातचीत की
- भारत-रूस के 20वें सालाना शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे
- पीएम मोदी ने कहा उनकी यह यात्रा दोनों देशों के मध्य संबंधों को नए आयाम, नई ऊर्जा देगी
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने व्लादिवोस्तोक में आयोजित प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद ऊर्जा, व्यापार और रक्षा के क्षेत्र में कई समझौते किए। रूस, भारत में परमाणु ऊर्जा संयंत्र को स्थापित करेगा। वहीं रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों ने साझा युद्धाभ्यास और हथियारों के खरीदफरोख्त को लेकर भी कई समझौते किए हैं।
इस दौरान जारी साझा वक्तव्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे व्लादिवोस्तोक आने वाले पहले भारतीय पीएम होने का सम्मान मिला है। मैं अपने मित्र, राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे यहां आमंत्रित किया। मुझे याद है कि 2001 का वार्षिक शिखर सम्मेलन रूस में आयोजित हुआ था, जब वह राष्ट्रपति थे और मैं गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अटल जी के प्रतिनिधिमंडल में आया था।
उन्होंने कहा कि भारत-रूस मित्रता राजधानी तक सीमित नहीं है। हमने लोगों को इस रिश्ते के मूल में रखा है। हमने एक पूर्ण समुद्री मार्ग का प्रस्ताव रखा है जो चेन्नई और व्लादिवोस्तोक के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करेगा।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि हम (भारत और रूस) दोनों किसी भी राष्ट्र के आंतरिक मामलों में बाहरी प्रभाव के खिलाफ हैं।
#WATCH live from Vladivostok, Russia: PM Narendra Modi addresses, as the Russian President and he release a joint press statement. https://t.co/FdFuoTs9aT
— ANI (@ANI) September 4, 2019
पीएम मोदी को मिलेगा रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने व्लादिवोस्तोक में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। पीएम मोदी ने पुतिन से कहा कि पूर्वी आर्थिक मंच के लिए आपका निमंत्रण मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। यह दोनों देशों के बीच समर्थन को एक नया आयाम देने का एक ऐतिहासिक अवसर है। मैं कल पूर्वी आर्थिक मंच में भाग लेने का इंतजार कर रहा हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि आपने घोषणा की है कि मुझे रूस के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। मैं आपका और रूस के लोगों का आभार व्यक्त करता हूं। यह हमारे दो देशों के लोगों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को प्रदर्शित करता है। यह 130 करोड़ भारतीयों के लिए सम्मान की बात है।
उन्होंने कहा कि रूस, भारत का अभिन्न मित्र और भरोसेमंद साझेदार है। आपने हमारी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के विस्तार पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान केंद्रित किया है। हम दो अभिन्न मित्रों के रूप में नियमित रूप से मिले हैं। मैंने कई मुद्दों पर आपसे टेलीफोन पर बात की है, मुझे कभी कोई झिझक नहीं हुई।
#WATCH: PM Modi speaks in Vladivostok on Russia's highest civilian award being conferred upon him. He also says, "Russia is an integral friend & trustworthy partner of India. You've (Russian Pres) personally focussed on expanding our special&privileged strategic partnership..." pic.twitter.com/X71z78YQ50
— ANI (@ANI) September 4, 2019
पीएम मोदी ने शिप बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स का किया दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय रूस दौरे पर हैं। यहां व्लादिवोस्तोक में प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेता बेहद गर्मजोशी से गले मिले और शिप बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स का दौरा करने के लिए एक साथ निकले। दोनों नेता एक साथ बोट में बैठकर रवाना हुए।
#WATCH Russia: Prime Minister Narendra Modi and Russian President Vladimir Putin hug and shake hands before their departure for Zvezda ship-building complex, Vladivostok. (Earlier visuals) pic.twitter.com/9DDJyvBknL
— ANI (@ANI) September 4, 2019
भारत के लिए दो तलवार क्लास युद्धपोतों का निर्माण कर रहा है रूस
बता दें कि नौसेना के लिए भारत और रूस के बीच चार एडवांस तलवार क्लास युद्धपोत के लिए अक्टूबर 2018 में समझौता किया गया था। जिसमें से दो युद्धपोतों का निर्माण रूस की यांटार शिपयार्ड में किया जा रहा है। जबकि दो अन्य को मेक इन इंडिया के तहत भारत के गोवा शिपयार्ड में बनाए जाएंगे। इन युद्धपोतों में देश में बने सतह पर निगरानी रखने वाले रेडार और ब्रह्मोस ऐंटी शिपिंग और लैंड अटैक मिसाइल लगी होंगी।
पीएम मोदी का हुआ जोरदार स्वागत, दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्लादिवोस्तोक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जोरदार स्वागत किया गया। यहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद मोदी व्लादिवोस्तोक के सुदूर पूर्वी संघीय विश्वविद्यालय (FEFU) पहुंचे, जहां भारतीय प्रवासियों ने शानदार स्वागत किया।
Russia: Prime Minister Narendra Modi receives a guard of honour, on his arrival in Vladivostok. He is on a 3-day visit to Russia. pic.twitter.com/057kBhzAdb
— ANI (@ANI) September 3, 2019
प्रधानमंत्री मोदी चार और पांच सितंबर की दो दिवसीय यात्रा के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मसलों पर बातचीत करेंगे। यह बैठक रूस के व्लादिवोस्तोक में हो रही है। मोदी भारत-रूस के 20वें सालाना शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे।
Vladivostok: Prime Minister Narendra Modi and Russian President Vladimir Putin arrive at Zvezda ship-building complex. #Russia pic.twitter.com/3cnczUKGbR
— ANI (@ANI) September 4, 2019
यात्रा पर रवाना होने से पहले मोदी ने यहां कहा कि वह आपसी हितों के क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपने मित्र और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ बातचीत के लिए उत्सुक हैं और दोनों देशों की इच्छा आपसी संबंधों को और सशक्त बनाने की है। मोदी व्लादिवोस्तोक में आयोजित हो रही पांचवी ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में पुतिन के आमंत्रण पर जा रहे हैं। मोदी ने कहा कि बहु ध्रुवीय विश्व में दोनों देश परस्पर सहयोग के लिए आगे आये हैं और उनकी यात्रा के समय एक विशिष्ट योग एप जारी किया जाएगा। उन्हें उम्मीद है कि अधिक से अधिक रूसी भाई बहन अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करेंगे।
पुतिन के साथ है स्पेशल केमेस्ट्री
रूसी संवाद समिति तास को दिए साक्षात्कार में मोदी ने कहा कि उनकी पुतिन के साथ स्पेशल केमेस्ट्री है। उन्हें भरोसा है कि उनकी यह यात्रा दोनों देशों के मध्य संबंधों को नए आयाम, नई ऊर्जा देगी। तास की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और रूस 15 दस्तावेज पर हस्ताक्षर करेंगे। इनमें सैन्य-तकनीक क्षेत्र भी शामिल हैं। इसके अलावा भारत रूस शिखर वार्ता भी इस ईईएफ कार्यक्रम से इतर की जायेगी। उन्होेंने कहा कि वह नहीं चाहते कि भारत और रूस सैन्य तकनीकी को केवल ग्राहक और विक्रेता तक सीमित रहे। आज अगर तकनीक दी जाती है तो भारत मेें सैन्य उपकरणों का कम लागत में निर्माण हो सकेगा और इन्हें कम दामों में तीसरी दुनिया के देशोें को बेचा जा सकेगा। उन्होंने भारत के मानव सहित स्पेस मिशन गगनयान की चर्चा करते हुए कहा कि रूस भारत के अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग में मदद करेगा।