पीएम मोदी को मिला 'ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड', कहा- यह करोड़ों भारतीयों का सम्मान
- स्वच्छता की दिशा में बेहतर कार्य करने के लिए मिला सम्मान
- बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की ओर से दिया जाता है अवॉर्ड
- कश्मीर मुद्दे को लेकर कुछ नोबेल विजेताओं ने जताया विरोध
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज अमेरिका में 'ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड' से नवाजा गया। उन्हें यह अवॉर्ड बिल गेट्स ने प्रदान किया। यह हर साल तय 17 लक्ष्यों में से किसी भी एक पर अच्छा काम करने वाले शख्स को दिया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी को स्वच्छता की दिशा में बेहतर कार्य करने के लिए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की ओर से यह सम्मान दिया गया है।
New York: Prime Minister Narendra Modi receives 'Global Goalkeeper Award' for the 'Swachh Bharat Abhiyan', from the Bill and Melinda Gates Foundation. Award presented by Bill Gates. pic.twitter.com/Ty1vn92ADg
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 25, 2019
'यह सिर्फ मेरा नहीं बल्कि करोड़ों भारतवासियों का सम्मान'
न्यूयॉर्क में आयोजित ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, यह सम्मान केवल मेरा सम्मान नहीं, बल्कि करोड़ों भारतवासियों का सम्मान है जिन्होंने स्वच्छ भारत का सपना न केवल पूरा किया बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया।'गांधी भारतीय थे, लेकिन केवल भारत के नहीं थे'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भारतीय थे, लेकिन वह केवल भारत के नहीं थे और यह मंच इसका जीवंत उदाहरण है। मोदी ने कहा, ‘आप कल्पना कर सकते हैं कि जिनसे गांधी जी कभी मिले नहीं, वे भी उनके जीवन से कितना प्रभावित रहे। मार्टिन लूथर किंग जूनियर हों या नेल्सन मंडेला, उनके विचारों का आधार महात्मा गांधी थे, गांधी जी की सोच थी।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आज लोकतंत्र की परिभाषा का एक सीमित अर्थ रह गया है कि जनता अपनी पसंद की सरकार चुने और सरकार जनता की अपेक्षा के अनुसार काम करे, लेकिन महात्मा गांधी ने लोकतंत्र की असली शक्ति पर बल दिया। उन्होंने वह दिशा दिखाई जिसमें लोग शासन पर निर्भर न हों और स्वावलंबी बनें।'बीते पांच साल में भारत में बनाए गए 11 करोड़ शौचालय'
पीएम मोदी ने कहा, भारत में बीते पांच साल में 11 करोड़ शौचालयों का निर्माण हुआ। महात्मा गांधी का स्वच्छता का सपना साकार होने वाला है। महात्मा गांधी ने कहा था, एक आदर्श गांव तभी बन सकता है जब वह स्वच्छ हो। आज हम गांव नहीं बल्कि पूरे देश को स्वच्छ बनाने की राह पर हैं।'बीते पांच साल में सुधरी भूगर्भ जल की गुणवत्ता'
स्वच्छ भारत मिशन ने केवल करोड़ों भारतीयों के जीवन को बेहतर बनाया है, उनकी गरिमा की रक्षा की है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पांच साल में ग्राउंड वाटर (भूगर्भ जल) की गुणवत्ता सुधरी है, मैं मानता हूं कि इसमें भी स्वच्छ भारत मिशन की भूमिका है।'स्वच्छता के कारण बच्चों में हृदय की समस्याएं कम हुईं'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मुझे बताया गया है कि बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की एक रिपोर्ट में पता चला है कि भारत में बेहतर ग्रामीण स्वच्छता के कारण बच्चों में हृदय की समस्याओं में कमी आई है और महिलाओं के बॉडी मास इंडेक्स में बेहतरी आई है।'अन्य लक्ष्यों की ओर भी तेजी से आगे बढ़ रहा भारत'
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत अपना स्वच्छता के लक्ष्य को प्राप्त करने के नजदीक है, लेकिन इसके साथ ही भारत अन्य लक्ष्यों पर भी तेजी से कार्य कर रहा है। फिट इंडिया आंदोलन के जरिए हम फिटनेस, बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा दे रहे हैं।साल 2017 में आयोजित हुआ था पहला अवॉर्ड कार्यक्रम
बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने गोलकीपर अवॉर्ड की शुरुआत की। यह अवॉर्ड लोगों को इन लक्ष्यों को पाने की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। पहला ग्लोबल गोलकीपर्स अवॉर्ड कार्यक्रम साल 2017 में आयोजित किया गया। यह हर साल तय 17 लक्ष्यों में से किसी भी एक पर अच्छा काम करने वाले शख्स को दिया जाता है। इसे गोलकीपर्स ग्लोबल गोल्स अवॉर्ड भी कहते हैं।
इन 17 लक्ष्यों पर काम करने के लिए मिलता है अवॉर्ड
साल 2015 में 193 देशों के प्रतिनिधि एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए 17 लक्ष्यों (Sustainable Goals) को हासिल करने की बात पर सहमत हुए थे। ये सभी लक्ष्य देशों को मिलकर 2030 तक हासिल करने हैं। ये 17 लक्ष्य हैं -
- गरीबी हटाना
- भूख मिटाना
- अच्छा स्वास्थ्य
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
- लिंग समानता
- साफ पानी व स्वच्छता
- वाजिब कीमत पर स्वच्छ ऊर्जा
- आर्थिक वृद्धि
- उद्योग, नवाचार और आधारभूत संरचना
- असमानता कम करना
- शहरों व समुदायों का दीर्घकालिक विकास
- उत्तरदायी उपभोग और उत्पादन
- जलवायु में सुधार
- पानी के जीवों के लिए बेहतर वातावरण
- धरती के जीवों के लिए बेहतर वातावरण
- शांति, न्याय और मजबूत संस्थाएं
- लक्ष्यों के लिए साझेदारी
कश्मीर को लेकर कुछ नोबेल विजेताओं ने किया था विरोध
कुछ नोबल विजेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को यह अवॉर्ड देने के फैसले का विरोध भी किया था। वे चाहते थे कि बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन पीएम मोदी को यह अवॉर्ड न दे। इसके लिए उन्होंने कश्मीर मुद्दे की दलील दी थी।