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PM Modi: पीएम मोदी ने इंजीनियर से वेदांत शिक्षक बने मैसेटी से की मुलाकात, संस्कृत रामायण की झलक देख हुए गदगद
Wed, 20 Nov 2024 02:27 PM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रियो डी जेनेरियो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रियो डी जेनेरियो
Published by: बशु जैन
Updated Wed, 20 Nov 2024 02:27 PM IST
सार
Jonas Masetti: पीएम नरेंद्र मोदी ने 29 नवंबर 2020 को अपने मन की बात कार्यक्रम में मैसेटी के प्रयासों की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि ब्राजील में रहने वाले मैसेटी वेदांत के साथ ही गीता को लोगों के बीच लोकप्रिय बना रहे हैं। वह हमारी संस्कृति और लोकाचार को लोकप्रिय बनाने के लिए तकनीक का भी प्रयोग करते हैं।
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ब्राजील में संस्कृत रामायण की प्रस्तुति देखते पीएम नरेंद्र मोदी।
- फोटो : PTI
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील में जी 20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद इंजीनियर से वेदांत शिक्षक बने जोनास मैसेटी से मुलाकात की। पीएम ने ब्राजील के लोगों के बीच गीता और वेदांत को लोकप्रिय बनाने के मैसेटी के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान संस्कृत रामायण की झलक देख पीएम गदगद नजर आए।
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया कि जोनास मैसेटी और उनकी टीम से मुलाकात की। मैनें एक बार मन की बात कार्यक्रम में वेदांत और गीता के प्रति उनके जुनून का जिक्र किया था। उनकी टीम ने संस्कृत रामायाण की झलकियां प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि भारतीय संस्कृति पूरी दुनिया में प्रभाव डाल रही है। यह बहुत सराहनीय है। कार्यक्रम के दौरान मैसेटी और उनकी टीम ने पीएम मोदी का अभिवादन किया।
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2020 में मन की बात में की थी मैसेटी की सराहना
पीएम नरेंद्र मोदी ने 29 नवंबर 2020 को अपने मन की बात कार्यक्रम में मैसेटी के प्रयासों की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि ब्राजील में रहने वाले मैसेटी वेदांत के साथ ही गीता को लोगों के बीच लोकप्रिय बना रहे हैं। वह हमारी संस्कृति और लोकाचार को लोकप्रिय बनाने के लिए तकनीक का भी प्रयोग करते हैं। पीएम मोदी ने लिखा था कि मैसेटी एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं। वह शेयर बाजार से जुड़ी एक कंपनी में काम करते थे। बाद में उन्हें भारतीय संस्कृति और वेदांत में रुचि पैदा हुई। पीएम मोदी ने इसे शेयर से आध्यात्मिकता की लंबी यात्रा कहा था।
पीएम ने कहा था कि मैसेटी ब्राजील में राजधानी से लगभग एक घंटे की दूरी पर पेट्रोपोलिस पहाड़ियों के बीच विश्वविद्या नामक संस्थान चलाते हैं। उन्होंने भारत में वेदांत का अध्ययन किया है। वह अपने संदेश को प्रचारित करने के लिए तकनीक को अपनाते हैं और नियमित ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित करते हैं। बीते सात साल में उन्होंने 1.5 लाख से ज्यादा छात्रों को अपना फ्री ओपन कोर्स पढ़ाया है।
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Met Jonas Masetti and his team. I had mentioned him during one of the #MannKiBaat programmes for his passion towards Vedanta and the Gita. His team presented glimpses of the Ramayan in Sanskrit. It is commendable how Indian culture is making an impact all over the world. pic.twitter.com/4Voy0OKt9X
— Narendra Modi (@narendramodi) November 20, 2024
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पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया कि जोनास मैसेटी और उनकी टीम से मुलाकात की। मैनें एक बार मन की बात कार्यक्रम में वेदांत और गीता के प्रति उनके जुनून का जिक्र किया था। उनकी टीम ने संस्कृत रामायाण की झलकियां प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि भारतीय संस्कृति पूरी दुनिया में प्रभाव डाल रही है। यह बहुत सराहनीय है। कार्यक्रम के दौरान मैसेटी और उनकी टीम ने पीएम मोदी का अभिवादन किया।
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2020 में मन की बात में की थी मैसेटी की सराहना
पीएम नरेंद्र मोदी ने 29 नवंबर 2020 को अपने मन की बात कार्यक्रम में मैसेटी के प्रयासों की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि ब्राजील में रहने वाले मैसेटी वेदांत के साथ ही गीता को लोगों के बीच लोकप्रिय बना रहे हैं। वह हमारी संस्कृति और लोकाचार को लोकप्रिय बनाने के लिए तकनीक का भी प्रयोग करते हैं। पीएम मोदी ने लिखा था कि मैसेटी एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं। वह शेयर बाजार से जुड़ी एक कंपनी में काम करते थे। बाद में उन्हें भारतीय संस्कृति और वेदांत में रुचि पैदा हुई। पीएम मोदी ने इसे शेयर से आध्यात्मिकता की लंबी यात्रा कहा था।
पीएम ने कहा था कि मैसेटी ब्राजील में राजधानी से लगभग एक घंटे की दूरी पर पेट्रोपोलिस पहाड़ियों के बीच विश्वविद्या नामक संस्थान चलाते हैं। उन्होंने भारत में वेदांत का अध्ययन किया है। वह अपने संदेश को प्रचारित करने के लिए तकनीक को अपनाते हैं और नियमित ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित करते हैं। बीते सात साल में उन्होंने 1.5 लाख से ज्यादा छात्रों को अपना फ्री ओपन कोर्स पढ़ाया है।