पीएम मोदी ने बैंकॉक पोस्ट को दिया साक्षात्कार, कहा- हमारे प्रस्ताव में सबके हितों का रखा जाएगा ध्यान
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तीन दिवसीय दौरे पर शनिवार को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक पहुंचे पीएम मोदी ने बैंकॉक पोस्ट को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि आरसीईपी को लेकर भारत का प्रस्ताव पूरी तरह स्पष्ट है और बहुत गंभीरता के साथ इसके हरेक पहलु पर बातचीत की जा रही है। उम्मीद है कि सोमवार को होने वाली बैठक में अगर भारत के नजरिये से सब कुछ ठीक रहा तो करार पर दस्तखत हो सकते हैं।
पीएम मोदी ने कहा, भारत का रुख स्पष्ट है कि आरसीईपी का लाभ सभी सदस्य देशों को बराबर मिलना चाहिए। सभी देशों के हितों को इसमें समायोजित किया जाए। आसियान के दस सदस्य देशाें और पांच अन्य देश चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेेलिया और न्यूजीलैंड के प्रतिनिधियों की ओर से तोलमोल की जोरदार कोशिशों के बीच पीएम मोदी का यह बयान आया है। पीएम मोदी इस यात्रा के दौरान तीन नवंबर को 16वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। वहीं 4 नवंबर को 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन और क्षेत्रीय समग्र आर्थिक साझेदारी (आरसीईपी) समझौते पर बातचीत करने वाले देशों की तीसरी शिखर बैठक में भी भाग लेंगे।
हम बाजार खोलें तो हमें भी मिले समान अवसर
पीएम मोदी ने कहा, आरसीईपी के तहत जब हम अपने बाजार को दुनिया के लिए खोलेंगे तो यह भी बेहद आवश्यक है कि हमें भी दुनिया के दूसरे बाजारों में समान अवसर मिलें। ताकि हमारे उद्योगों और व्यवसायियों को भी इसका बराबर लाभ मिले। पीएम मोदी ने कहा, हम इस करार में सदस्य देशों की जरूरतों के प्रति संजीदा हैं और आशा करते हैं कि हमारे हितों का भी ध्यान रख जाए।
हितों के समायोजन पर नजर
पीएम मोदी ने इससे पहले शनिवार को बैंकॉक रवाना होने से पहले दिल्ली में कहा कि भारत इस बात पर नजर रखेगा कि आरसीईपी समझौते में उसके हितों का समायोजन किया जाता है या नहीं। उन्होंने कहा, ‘मैं हमारी भारत-प्रशांत रणनीति पर भी ध्यान केंद्रित करूंगा, जिसके बारे में मैं यह देखकर खुश हूं कि आसियान के भागिदारों और ईएएस के अन्य साझेदारों के बीच मजबूत तालमेल हैं।
सम्मेलन ‘एक्ट ईस्ट नीति’ का महत्वपूर्ण अंग
पीएम मोदी ने कहा, ‘आसियान से संबंधित शिखर सम्मेलन हमारे कूटनीतिक कैलेंडर का एक अभिन्न अंग और हमारी ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का एक महत्वपूर्ण घटक है। आसियान के साथ हमारी साझेदारी संपर्क, क्षमता निर्माण, वाणिज्य और संस्कृति के प्रमुख स्तंभों पर बनी है।’
सहयोग की समीक्षा होगी
पीएम मोदी ने कहा, वह आसियान भागीदारों के साथ सहयोगात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे और आसियान तथा उसके नेतृत्व को मजबूत करने वाले तंत्र की योजनाओं पर, समुद्र्र, भूमि, वायु, डिजिटल और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर, आर्थिक भागीदारी को गहरा करने पर तथा समुद्री सहयोग के विस्तार पर भी गौर करेंगे। उन्होंने कहा, ‘हम ईएएस के एजेंडे पर महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों की समीक्षा करेंगे और हमारे वर्तमान कार्यक्रमों और परियोजनाओं की स्थिति की जांच करेंगे।