SCO Summit : एससीओ देश सुगम आवाजाही और लचीली आपूर्ति व्यवस्था करें, पीएम मोदी का समरकंद में आह्वान
प्रधानमंत्री ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और शंघाई सहयोग संगठन के अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ सालाना शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। अगले साल भारत एससीओ की बैठक की मेजबानी करेगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की समरकंद शिखर बैठक में सदस्य देशों से आह्वान किया कि वे सुगम आवाजाही और लचीली आपूर्ति शृंखला कायम करें। उन्होंने क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ाने के उपाय करने पर भी जोर दिया। पीएम ने कहा कि भारत की आर्थिक विकास दर इस साल 7.5 फीसदी रहने की उम्मीद है, जो दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक होगी।
प्रधानमंत्री ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और शंघाई सहयोग संगठन के अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ सालाना शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। अगले साल भारत एससीओ की बैठक की मेजबानी करेगा। चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा कि हम भारत की मेजबानी का समर्थन करेंगे। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि कोविड-19 महामारी और यूक्रेन संकट के कारण उत्पन्न व्यवधानों की पृष्ठभूमि में क्षेत्र में विश्वसनीय और लचीली आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने की जरूरत है।
Samarkand, Uzbekistan | Chinese President Xi Jinping congratulates India for hosting the Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit, next year.
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"We will support India for its presidency next year", said Chinese President Xi Jinping pic.twitter.com/Bt9cVe5Hiv
— ANI (@ANI) September 16, 2022
सुगम आवाजाही में पाकिस्तान की अरुचि
अफगानिस्तान में सामान भेजने के लिए भारत की सुगम आवाजाही की मांग के प्रति पाकिस्तान की अरुचि के बीच पीएम मोदी ने कहा कि भारत एससीओ के सदस्य देशों के बीच परस्पर विश्वास और सहयोग के पक्ष में है। एससीओ को क्षेत्र में लचीली आपूर्ति शृंखला बनाने का प्रयास करना चाहिए और इसके लिए बेहतर संपर्क सुविधा एवं एक-दूसरे को पारगमन अधिकार देना महत्वपूर्ण होगा।
शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के बाद दुनिया के सामने आर्थिक रूप से पटरी पर लौटने की चुनौती है। कोविड-19 और यूक्रेन में उपजे हालात के कारण वैश्विक आपूर्ति शृंखला बाधित हुई है, जिससे खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा संकट पैदा हुआ। मोदी ने कहा कि एससीओ को क्षेत्र में लचीली आपूर्ति शृंखला बनाने का प्रयास करना चाहिए और इसके लिए बेहतर संपर्क सुविधा एवं एक.दूसरे को पारगमन अधिकार देना महत्वपूर्ण होगा।
मोदी ने भारत के आर्थिक विकास का जिक्र करते हुए कहा कि भारत एक विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में इस साल 7.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि होने की उम्मीद है और यह दर दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक होगी।
सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और मध्य एशियाई देशों के अन्य नेता भी भाग ले रहे हैं।