{"_id":"60a41d661c2ef830dd26a428","slug":"pm-k-p-sharma-oli-formed-10-member-task-force-to-resolve-party-disputes","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेपाल : मतभेद को दूर करने के लिए ओली ने बनाया कार्यबल","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
नेपाल : मतभेद को दूर करने के लिए ओली ने बनाया कार्यबल
Wed, 19 May 2021 01:34 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, काठमांडो।
एजेंसी, काठमांडो।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 19 May 2021 01:34 AM IST
सार
- प्रतिद्वंद्वी माधव कुमार के धड़े से बात करके कार्यबल को सौंपी जिम्मेदारी
- अंदरूनी मतभेद दूर करने के लिए दोनों धड़ों के पांच-पांच सदस्यों का एक कार्यबल बनाने का फैसला
विज्ञापन
केपी शर्मा ओली
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाले नेपाल के सत्तारूढ़ दल सीपीएन-यूएमएल ने अल्पमत वाली सरकार के लिए खतरा बन रहे पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को दूर करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। ओली की पार्टी ने दोनों विरोधी धड़ों से 10 सदस्यीय संयुक्त कार्यबल गठित किया है ।
विज्ञापन
हिमालय टाइम्स अखबार ने खबर दी है कि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी) के प्रमुख ओली ने प्रतिद्वंद्वी धड़े के नेता माधव कुमार नेपाल के साथ अकेले में बात की थी। इसके बाद उन्होंने अंदरूनी मतभेद दूर करने के लिए दोनों धड़ों के पांच-पांच सदस्यों का एक कार्यबल बनाने का फैसला लिया।
विज्ञापन
माई रिपब्लिका न्यूज पोर्टल के अनुसार, इस कार्यबल को जिम्मेदारी दी गई है कि वह पार्टी को 16 मई, 2018 के स्वरूप में लाने के लिए सुलह कायम कराए। खबर के अनुसार, नेपाल के धड़े की अगुवाई भीम बहादुर रावल करेंगे जबकि ओली धड़े का नेतृत्व संसदीय दल के उप नेता सुभाष चंद्र नेम्बांग करेंगे।
विज्ञापन
बता दें कि सीपीएन-यूएमएल में नेपाल धड़े के सांसदों ने सामूहिक रूप से प्रतिनिधि सभा से इस्तीफा देने की धमकी दी थी। लेकिन बागी चार नेताओं पर कार्रवाई वापस लेने के बाद उन्होंने विचार बदल दिया।
ओली को जीतना होगा विश्वास मत
दस मई को ओली ने विश्वास मत हासिल करने की कोशिश की लेकिन नेपाल धड़े के 28 सदस्य अनुपस्थित रहे और वे प्रतिनिधि सभा में विश्वास मत हार गए।
ओली को बृहस्पतिवार को फिर प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया क्योंकि नेपाली कांग्रेस और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र) अगली सरकार के गठन के लिए बहुमत नहीं जुटा पाईं। अब नियमानुसार ओली को नियुक्ति के 30 दिनों में विश्वास मत जीतना हेागा।