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Hindi News ›   World ›   Petition filed in Pak Supreme Court demanding dissolution of Imran Khan party PTI

Pakistan: इमरान के विश्वासपात्र रहे अवन चौधरी ने PTI को भंग करने की मांग की, पाक सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

Fri, 07 Jul 2023 12:46 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, इस्लामाबाद।
पीटीआई, इस्लामाबाद। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 07 Jul 2023 12:46 PM IST
सार

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के साथ ही कानून और आंतरिक मंत्रालय सहित अन्य को भी याचिका में प्रतिवादी बनाया गया है।

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Petition filed in Pak Supreme Court demanding dissolution of Imran Khan party PTI
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : ANI

विस्तार

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के एक पूर्व विश्वासपात्र ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर नौ मई को हुई अभूतपूर्व हिंसा में उनकी कथित भूमिका का हवाला देते हुए पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी को भंग करने की मांग की है। अवन चौधरी अब नवगठित इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी (आईपीपी) का हिस्सा हैं। गुरुवार को दायर संवैधानिक याचिका में खान, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के चेयरमैन के साथ-साथ पीटीआई अध्यक्ष परवेज इलाही को प्रतिवादी के रूप में नामित किया गया है।

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के साथ ही कानून और आंतरिक मंत्रालय सहित अन्य को भी याचिका में प्रतिवादी बनाया गया है।चौधरी ने तर्क दिया कि पीटीआई चेयरमैन देश के संस्थानों, न्यायपालिका, सैन्य और नागरिक प्रतिष्ठानों पर हमलों में शामिल थे और उन्होंने न केवल बुनियादी मानवाधिकारों बल्कि संविधान का भी उल्लंघन किया।
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याचिका में कहा गया है, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई), उसके चेयरमैन, पदाधिकारियों के कृत्य, न्यायपालिका पर हमला करने वाले उनके नफरत भरे भाषण,  सार्वजनिक संपत्तियों को जलाना और लूटना असंवैधानिक है। नौ मई की घटनाओं का उल्लेख करते हुए याचिका में कहा गया कि पीटीआई समर्थकों ने देश के संस्थानों के खिलाफ साजिश रची, लाहौर में कोर कमांडर के घर को जला दिया और देश भर में सार्वजनिक संपत्तियों को लूटा।
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याचिकाकर्ता ने कहा कि पीटीआई प्रमुख और उनकी पार्टी ने संस्थानों पर हमला करके और देश और उसके संस्थानों की अखंडता और गरिमा के खिलाफ नफरत भरे भाषण देकर समाज के ताने-बाने को नष्ट कर दिया। उन्होंने आगे तर्क दिया कि लोकतंत्र की अवधारणा और सरकार के संसदीय स्वरूप को चुनाव अधिनियम में शामिल किया गया था, लेकिन पीटीआई ने उस अवधारणा और अधिनियम का गंभीर उल्लंघन किया।

उन्होंने आगे कहा कि यह जरूरी है कि चुनाव अधिनियम, 2017 के अनुच्छेद 212 के संदर्भ में, तहरीक-ए-इंसाफ (प्रतिवादी नंबर 4) को भंग कर दिया जाना चाहिए क्योंकि यह पार्टी बनाई गई है और ऐसे तरीके से काम कर रही है जो संप्रभुता और पाकिस्तान की अखंडता के लिए हानिकारक है। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका में 70 वर्षीय खान के सशस्त्र बलों के वरिष्ठतम अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों वाले चौंकाने वाले बयानों के बारे में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल को लिखे गए पत्र की एक प्रति भी संलग्न की गई है।


गौरतलब है कि खान और उनकी पार्टी नौ मई को भ्रष्टाचार के एक मामले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय परिसर से उनकी गिरफ्तारी के बाद कथित तौर पर उनके समर्थकों द्वारा की गई हिंसा के बाद से मुश्किल में पड़ गई थी। हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सरकार द्वारा शुरू की गई कार्रवाई के बाद पीटीआई के कई सदस्यों ने पार्टी छोड़ दी है। हिंसा के बाद से 10,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। चौधरी उन कुछ लोगों में से थे जिन्होंने खान की उनकी वर्तमान पत्नी बुशरा बीबी के साथ शादी को संपन्न कराने में भूमिका निभाई थी।

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