फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pervez Musharraf death Penalty, says decision against me is Retaliatory action

मौत की सजा मिलने के बाद पहली बार आया मुशर्रफ का बयान, कहा- बदले की भावना से की गई कार्रवाई

Thu, 19 Dec 2019 10:36 AM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: अनवर अंसारी Updated Thu, 19 Dec 2019 10:36 AM IST
विज्ञापन
Pervez Musharraf death Penalty, says decision against me is Retaliatory action
परवेज मुशर्रफ - फोटो : पीटीआई

पाकिस्तान की विशेष अदालत द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद पूर्व राष्ट्रपति और सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ ने इसे निजी प्रतिशोध बताते हुए बदले की राजनीति करार दिया है।

विज्ञापन


मंगलवार को मृत्युदंड की सजा का एलान होने के बाद  मुशर्रफ ने कहा कि वह हमेशा देशभक्त रहे हैं और उन्हें उन्हें राष्ट्रद्रोह में सजा सुनाई गई। इस फैसले का पाकिस्तान में बहुत ताकतवर मानी जानेवाली पाक सेना ने भी विरोध किया है। 
विज्ञापन


पूर्व सैन्य तानाशाह और सेना प्रमुख रहे मुशर्रफ ने कहा कि अदालत के फैसले पर सवालिया निशान है और इसमें कानून का पालन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, ‘मैं यह कहूंगा कि इस मामले की संविधान के तहत सुनवाई की कोई जरूरत नहीं थी। फिर भी उस पर सुनवाई हुई क्योंकि कुछ लोगों के मन में मेरे प्रति निजी प्रतिशोध की भावना है और एक व्यक्ति को इस मामले में निशाना बनाया गया।’
विज्ञापन
विज्ञापन


आपातकाल लगाने के अपराध में फांसी की सजा
अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद मुशर्रफ के समर्थकों ने देश के विभिन्न हिस्सों में उनके समर्थन में छोटी रैलियां निकाली। मुशर्रफ को संविधान को निष्प्रभावी बनाने और पाकिस्तान में नवंबर 2007 में संविधान के खिलाफ जाकर देश में आपातकाल लगाने के लिए अदालत ने दोषी करार दिया।

यह मामला 2013 से लंबित था, जिसके बाद पिछले दिनों इस पर फैसला आया। मुशर्रफ को राजद्रोह का दोषी करार देते हुए फांसी की सजा दी गई है। 

मुशर्रफ को अभी भी उम्मीद
पूर्व तानाशाह ने कहा कि वह अपने भविष्य का फैसला अपने वकीलों से बातचीत करने के बाद करेंगे और उन्हें उम्मीद है कि न्याय होगा। उनके वकील पहले ही कह चुके हैं कि वह मौत की सजा को चुनौती देंगे। उधर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस स्थिति से निपटने के लिए अपने सलाहकारों से बात की है।

2016 से दुबई में मुशर्रफ
मुशर्रफ इलाज के लिए देश से बाहर गए थे और 2016 से ही वह दुबई में रह रहे हैं। अदालत ने मुशर्रफ पर 2014 से 2019 के बीच उन पर मुकदमा चलाया और दुबई में बयान दर्ज करने के आग्रह को भी ठुकरा दिया।


पार्टी की ओर से जारी एक विडियो में मुशर्रफ ने कहा, ‘इस तरह के फैसले का कोई और उदाहरण नहीं है जब न तो प्रतिवादी को और न ही उसके वकील को अपनी बात रखने का मौका दिया गया हो।’

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed