Emmanuel Macron: रूस-यूक्रेन संघर्ष पर बोले मैक्रों, 'शांति का मतलब यूक्रेन का आत्मसमर्पण नहीं होना चाहिए'
Russia-Ukraine War: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक अहम मुलाकात की। इस बैठक के बाद मैक्रों ने कहा कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, लेकिन इसका मतलब यूक्रेन का आत्मसमर्पण नहीं होना चाहिए।
विस्तार
राष्ट्रपति ट्रंप से मिले इमैनुएल मैक्रों
मैक्रों ने कहा, 'शांति का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि यूक्रेन को बिना सुरक्षा गारंटी के युद्ध विराम के लिए मजबूर किया जाए। शांति का अर्थ यूक्रेन की संप्रभुता को बनाए रखना और उसे अन्य देशों के साथ बातचीत करने का मौका देना होना चाहिए।'
यूक्रेन-अमेरिका के बीच समझौता जल्द
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने अमेरिका और यूक्रेन के बीच हो रहे दुर्लभ खनिजों (रेयर अर्थ मिनरल्स) के समझौते की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सौदा यूक्रेन की संप्रभुता को मजबूत करेगा। इस पर ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की जल्द ही वाशिंगटन आ सकते हैं और यह समझौता अंतिम चरण में है।
रूस के साथ आर्थिक सहयोग पर ट्रंप का विचार
ट्रंप ने रूस के साथ आर्थिक विकास साझेदारी की इच्छा जताई, लेकिन यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता पहले यूक्रेन युद्ध को खत्म करना है। उन्होंने कहा, 'रूस के पास दुर्लभ खनिजों का विशाल भंडार है, जो दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो सकता है। यदि हम ऐसा कर सकें तो यह विश्व शांति के लिए अच्छा होगा।'
जेलेंस्की और यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यूक्रेनी नागरिकों की बहादुरी की सराहना की। वहीं, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने रूस-यूक्रेन युद्ध की तीसरी वर्षगांठ पर कीव का दौरा किया और यूक्रेन को समर्थन देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
Three years of resistance. Three years of gratitude. Three years of absolute heroism of Ukrainians. I am proud of Ukraine! I thank everyone who defends and supports it. Everyone who works for Ukraine. And may the memory of all those who gave their lives for our state and people… pic.twitter.com/HeNMpJX891
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) February 24, 2025
On the 3rd anniversary of Russia’s brutal invasion, Europe is in Kyiv.
— Ursula von der Leyen (@vonderleyen) February 24, 2025
We are in Kyiv today, because Ukraine is Europe.
In this fight for survival, it is not only the destiny of Ukraine that is at stake.
It’s Europe’s destiny. pic.twitter.com/s0IaC5WYh6