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अफगानिस्तान में शांति समझौता टूटने का खतरा, तालिबान के साथ नहीं बनी सहमति

Tue, 24 Mar 2020 03:57 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 24 Mar 2020 03:57 AM IST
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peace agreement may break in Afghanistan, no agreement with Taliban
माइक पोम्पिओ - फोटो : अमर उजाला
अफगानिस्तान में तालिबान कैदियों की रिहाई पर असहमति को दूर करने के कोशिशों के साथ कोरोनावायरस पर संपर्क सीमित करने को लेकर अफगान अधिकारियों, और तालिबान नेताओं के बीच स्काइप पर बातचीत हुई। कोरोनावायरस पर चिंताओं को संतुलित करने के लिहाज से हुई इस वीडियो कांफ्रेंसिंग में शांति वार्ता के टूटने का खतरा ज्यादा दिखाई दिया।
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यद्यपि यह बैठक आधिकारिक नहीं थी और न ही अफगानिस्तान सरकार व तालिबान के बीच सीधी बातचीत की शुरुआत थी। लेकिन इसमें तालिबान कैदियों के बदले सुरक्षा बलों को छोड़ने को लेकर सहमति न बन पाना इस बात के संकेत हैं कि कतर की राजधानी दोहा में हुआ अमेरिका तालिबान शांति समझौता खटाई में पड़ सकता है। बता दें कि 5,000 तालिबान कैदियों को 1,000 अगवा अफगानिस्तान के सरकारी कर्मचारियों की रिहाई पर यह समझौता हुआ था। इसके तहत 10 मार्च को अफगान वार्ता की शुरुआत से पहले कैदियों को रिहा किया जाना था। लेकिन राष्ट्रपति अशरफ गनी की सरकार ने शांति समझौते में इस अदला-बदली की शर्त पर असहमति जताई थी। जबकि देश में गनी और उनके प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्ला अब्दुल्ला के बीच चुनावी जीत का विवाद भी लगातार बढ़ रहा है।
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शांति प्रक्रिया को काबुल पहुंचे पोम्पियो

peace agreement may break in Afghanistan, no agreement with Taliban
माइक पोम्पिओ - फोटो : अमर उजाला

तालिबान के साथ पिछले महीने शांति समझौते पर हुए दस्तखत के बाद वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिश के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो सोमवार को काबुल पहुंचे। पोम्पियो की यह यात्रा कोरोनावायरस के बावजूद हो रही है।

इसका मकसद अमेरिका-तालिबान शांति समझौते पर हुए दस्तखत के बाद अफगानिस्तान में राजनीतिक उथल-पुथल के चलते ठप हुई प्रक्रिया को दोबारा शुरू करना है। पोम्पियो को जल्द ही यह गतिरोध खत्म होने की उम्मीद है।

शांति प्रक्रिया ठप होने का एक बड़ा कारण देश में गनी उनके प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्ला अब्दुल्ला के बीच चुनावी जीत का विवाद बढ़ना भी है। बता दें कि अब्दुल्ला ने देश में खुद को राष्ट्रपति घोषित किया हुआ है। ऐसे में अफगानिस्तान में विद्रोही आतंकी संगठनों और सरकार में ठीक तरह से वार्ता नहीं हो पा रही है।
 कुंदुज मुठभेड़ में 24 आतंकी मारे गए

कुंदुज अफगानिस्तान के उत्तरी प्रांत कुंदुज में रविवार को तालिबान आतंकियों ने सुरक्षा बलों की चौकियों पर हमले किए। इस दौरान मुठभेड़ में 24 आतंकवादी मारे गए। हमले में चार सैनिकों की भी मौत हो गई। प्रवक्ता इस्मातुल्लाह मुरादी ने बताया कि इमाम साहिब, आर्च और खान अबद जिलों से लगे इलाकों में सेना की जांच चौकियों पर हमला हुआ था।

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