पाकिस्तान में महिला पत्रकार की हत्या, सरकारी टीवी चैनल के एंकर को मारी गोली
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पाकिस्तान में शनिवार को एक महिला पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शाहीना शाहीन बलोच नाम की पत्रकार सरकारी टीवी चैनल में एंकर और रिपोर्टर थीं। कुछ दिनों पहले ही उनका बलूचिस्तान के तुरबत में तबादला किया गया था। हत्या में पत्रकार के पति के भी शामिल होने का आरोप है।
युवा पत्रकार थीं शाहीन
शाहीन पहले इस्लामाबाद में एक निजी टीवी चैनल के लिए काम करतीं थीं। इसके बाद उनका चयन सरकारी टीवी चैनल में हो गया। इस्लामाबाद में कुछ महीने रहने के बाद शाहीन का तबादला बलूचिस्तान के तुरबत में हो गया। वे एक स्थानीय मैगजीन की संपादक भी थीं। 27 साल की शाहीन क्वेटा यूनिवर्सिटी से पीएचडी भी कर रहीं थीं।
घर में घुसकर की गई हत्या
शाहीन की हत्या उनके घर में घुसकर की गई। पुलिस के मुताबिक, दो हमलावर उनके घर पहुंचे। दरवाजा खोलते ही शाहीन पर गोलियां चलाईं। शाहीन को पांच गोलियां लगीं। पुलिस के मुताबिक, एक अज्ञात व्यक्ति शाहीन को कार में लेकर अस्पताल पहुंचा लेकिन, वो कुछ देर बाद गाड़ी वहीं छोड़कर फरार हो गया। पुलिस घटना की जांच कर रही है। शाहीन के परिवार ने कुछ लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया है। इनमें शाहीन के पति का नाम भी शामिल है।
ऐसा माना जाता है कि उसके पति ने ही शाहीन को मार डाला, क्योंकि वह बलूचिस्तान में काफी मशहूर हो रही थी। 2018 की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया था कि बलूचिस्तान में सम्मान के नाम पर 30 महिलाओं सहित 50 लोग मारे गए थे। यह रिपोर्ट द ऑरात फाउंडेशन द्वारा जारी की गई थी। यह संगठन महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए काम कर रही थी।
पाकिस्तान में पत्रकार नहीं हैं सुरक्षित!
बता दें कि, शाहीन से पहले पिछले साल मई में उरूज इकबाल नामक महिला पत्रकार की भी गोली मारकर हत्या की गई थी। वे एक निजी टीवी चैनल के लिए काम करती थीं। परिवार ने एक स्थानीय नेता पर हत्या करवाने का आरोप लगाया था लेकिन, पुलिस ने इसे खारिज कर दिया था। अब तक कातिलों का पता नहीं लगाया जा सका है। उरूज की हत्या उनके ऑफिस के बाहर की गई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1992 से अब तक यानी 28 साल में पाकिस्तान में 61 पत्रकारों की हत्या की जा चुकी है। इसी हफ्ते प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक साक्षात्कार में पाकिस्तान में पत्रकारों को सुरक्षित बताया था।