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कश्मीर पर पाकिस्तान की हो रही 'अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती', कोई भी देश नहीं दे रहा तवज्जो
Sat, 10 Aug 2019 02:05 PM IST
Trainee Trainee
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 10 Aug 2019 02:05 PM IST
सार
- कश्मीर मामले पर पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कोई तवज्जो नहीं मिल रही है
- पाकिस्तानी सांसद अमेरिका से कर रहे हैं मध्यस्थता की उम्मीद
- अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने आतंकवाद रोकने को कहा
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इमरान खान (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
विस्तार
भारत सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने को लेकर संयुक्त राष्ट्र से लेकर अमेरिका, चीन तक का दरवाजा खटखटा चुके पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कोई खास तव्वजो नहीं मिल रही है।
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राजनयिक सूत्रों के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा कश्मीर के मौजूदा हालात को देखते हुए पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद या घुसपैठ ना करने के लिए कहा गया है। पाकिस्तान द्वारा सहयोग के लिए उठाए जा रहे मामलों पर नजर रखने वाले एक राजनयिक ने कहा है कि पाकिस्तान को कश्मीर मसले पर बेहद कम तवज्जो मिली हैं।
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भारत का इस मामले को लेकर कहना है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और यह देश का आंतरिक मामला है। किसी को भी इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
वहीं, पाकिस्तानी प्रधानंत्री इमरान खान, शीर्ष पाकिस्तानी नेता और उसके राजनियक लगातार अमेरिकी सांसदों और वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर उन्हें मध्यस्थता को लिए कह रहे हैं। साथ ही यह भी कह रहे हैं कि अगर मध्यस्थता नहीं हुई तो युद्ध की स्थिति पैदा हो सकती है।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने शुक्रवार को कहा था कि इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष स्थिति तनावपूर्ण दिखाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह ध्यान आकर्षित करने का एक पैंतरा है। समय आ गया है कि पाकिस्तान नई वास्तविकता का सामना करे और भारत के आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करे।
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान को स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम रखने का दायित्व उसका है। उन्होंने कहा कि उन्होंने (अंतराष्ट्रीय समुदाय) पाकिस्तान से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि वे सीमा पार घुसपैठ जैसा कोई कदम ना उठाए, जिससे शांति एवं सुरक्षा को नुकसान पहुंच सकता है।
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी नेताओं और अधिकारियों से बार-बार कहा गया है कि वे कुछ भी करें, लेकिन आतंकवाद का इस्तेमाल ना करें।
आतंकवाद को वित्तीय सहायता मुहैया ना कराने की अपनी प्रतिबद्ध पूरी ना करने को लेकर पाकिस्तान पर ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स’ द्वारा काली सूची में डाले जाने का खतरा मंडरा रहा है। दो राजनयिक सूत्रों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर करीबी नजर बनाए है।