{"_id":"621642b289a77455a32d65cc","slug":"pakistani-man-sentenced-to-death-in-blasphemy-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान: शिया समुदाय के शख्स को मौत की सजा, इस्लाम को बदनाम करने का लगा आरोप","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
पाकिस्तान: शिया समुदाय के शख्स को मौत की सजा, इस्लाम को बदनाम करने का लगा आरोप
Wed, 23 Feb 2022 07:51 PM IST
Amit Mandal
पीटीआई, लाहौर
पीटीआई, लाहौर
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 23 Feb 2022 07:51 PM IST
सार
पाकिस्तान में इस्लाम को बदनाम करने के खिलाफ बेहद सख्त ईशनिंदा कानून हैं, जिसमें मौत की सजा भी शामिल है। इसका गलत इस्तेमाल बदला लेने के लिए भी किया जा सकता है।
विज्ञापन
इस्लाम निंदा के आरोप में मौत की सजा
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब प्रांत की एक अदालत ने अल्पसंख्यक शिया समुदाय के एक पाकिस्तानी व्यक्ति को इस्लाम को बदनाम करने के आरोप में मौत की सजा सुनाई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फैसलाबाद) राणा सोहेल तारिक ने पैगंबर का अपमान करने के आरोप में वसीम अब्बास को मौत की सजा सुनाई।
विज्ञापन
पांच लाख का जुर्माना भी लगा
अदालत ने उस पर 500,000 पाकिस्तानी रुपये (2,820 अमरीकी डॉलर से अधिक) का जुर्माना भी लगाया। अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को दो साल कैद की सजा भुगतनी होगी। अब्बास को फैक्टरी एरिया पुलिस ने जून 2020 में प्रांतीय राजधानी लाहौर से 180 किलोमीटर दूर फैसलाबाद में गिरफ्तार किया था, जब उनके खिलाफ पैगंबर और उनके साथियों का कथित रूप से अपमान करने की शिकायत दर्ज की गई थी।
विज्ञापन
पिछले साल एक श्रीलंकाई नागरिक और मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति को ईशनिंदा के आरोप में पंजाब प्रांत में भीड़ ने बेरहमी से मार डाला था। पाकिस्तान में इस्लाम को बदनाम करने के खिलाफ बेहद सख्त ईशनिंदा कानून हैं, जिसमें मौत की सजा भी शामिल है। मानवाधिकार अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि इसका गलत इस्तेमाल अक्सर मुस्लिम इस मुस्लिम बहुल देश में बदला लेने के लिए किया जाता है।
विज्ञापन