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हाजी बलोच की बदली किस्मत: जाल में फंसी ऐसी मछली जिसकी कीमत लाखों में, करोड़पति बने मछुआरे
Fri, 10 Nov 2023 04:12 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, कराची
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, कराची
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Fri, 10 Nov 2023 04:12 PM IST
सार
पाकिस्तानी मछुआरों की रातों रात करोड़पति बनने की कहानी सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है। पढ़िए पूरा मामला....
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पाकिस्तान का झंडा
- फोटो : Social media
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विस्तार
रातों रात करोड़पति बनने की कहानी अक्सर हमने फिल्मों में देखी है। लेकिन अगर यह कहे कि असल जिंदगी में भी कुछ ऐसा ही हुआ है तो आप विश्वास नहीं करेंगे। जी हां...पाकिस्तानी मछुआरों की रातों रात करोड़पति बनने की कहानी सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है।
पाकिस्तान में इब्राहिम हैदरी गांव के हाजी बलोच की किस्मत उस वक्त बदल गई। जब उसके हाथ 'गोल्डन फिश' (सोवा) हाथ लगी। अरब सागर से पकड़ी गई इस मछली ने मछुआरे की जिंदगी ही बदल दी। पाकिस्तान फिशरमेन फोक फोरम के मुबारक खान ने कहा, शुक्रवार सुबह कराची बंदरगाह पर मछुआरे ने जब अपने द्वारा पकड़ी गई मछली की नीलामी की तो सब हैरान हो गए। क्योंकि उस मछली को लगभग सात करोड़ (70 मिलियन) रुपये में बेचा गया।
पूरे घटनाक्रम पर मछुआरों ने कहा, हम कराची के खुले समुद्र में मछली पकड़ रहे थे। जब हमें सुनहरी मछली का बडा़ जखीरा मिला और यह हमारे लिए अप्रत्याशित था। साथ ही उन्होंने कहा, इन पैसों को अपने सात लोगों के दल के साथ साझा करेगा।
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क्या है सोवा मछली (गोल्डन फिश)
सोवा मछली को अनमोल और दुर्लभ माना जाता है क्योंकि इसके पेट से निकलने वाले पदार्थों में उपचार और औषधीय गुण होते हैं। मछली से प्राप्त धागे जैसे पदार्थ का उपयोग शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं में भी किया जाता है। मछली का वजन लगभग 20 से 40 किलोग्राम के बीच होती है। जिसकी पूर्वी एशियाई देशों में बहुत मांग है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि सोवा सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व भी रखती है, इसका उपयोग पारंपरिक दवाओं और स्थानीय व्यंजनों में किया जाता है।
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पाकिस्तान में इब्राहिम हैदरी गांव के हाजी बलोच की किस्मत उस वक्त बदल गई। जब उसके हाथ 'गोल्डन फिश' (सोवा) हाथ लगी। अरब सागर से पकड़ी गई इस मछली ने मछुआरे की जिंदगी ही बदल दी। पाकिस्तान फिशरमेन फोक फोरम के मुबारक खान ने कहा, शुक्रवार सुबह कराची बंदरगाह पर मछुआरे ने जब अपने द्वारा पकड़ी गई मछली की नीलामी की तो सब हैरान हो गए। क्योंकि उस मछली को लगभग सात करोड़ (70 मिलियन) रुपये में बेचा गया।
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पूरे घटनाक्रम पर मछुआरों ने कहा, हम कराची के खुले समुद्र में मछली पकड़ रहे थे। जब हमें सुनहरी मछली का बडा़ जखीरा मिला और यह हमारे लिए अप्रत्याशित था। साथ ही उन्होंने कहा, इन पैसों को अपने सात लोगों के दल के साथ साझा करेगा।
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क्या है सोवा मछली (गोल्डन फिश)
सोवा मछली को अनमोल और दुर्लभ माना जाता है क्योंकि इसके पेट से निकलने वाले पदार्थों में उपचार और औषधीय गुण होते हैं। मछली से प्राप्त धागे जैसे पदार्थ का उपयोग शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं में भी किया जाता है। मछली का वजन लगभग 20 से 40 किलोग्राम के बीच होती है। जिसकी पूर्वी एशियाई देशों में बहुत मांग है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि सोवा सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व भी रखती है, इसका उपयोग पारंपरिक दवाओं और स्थानीय व्यंजनों में किया जाता है।