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Pakistan: देशद्रोह मामले में जमानत मिलने के कुछ घंटे बाद मजारी को किया गया गिरफ्तार, पूर्व सांसद वजीर को राहत
Mon, 28 Aug 2023 03:50 PM IST
देव कश्यप
पीटीआई, इस्लामाबाद।
पीटीआई, इस्लामाबाद।
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 28 Aug 2023 03:50 PM IST
सार
पूर्व मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी की बेटी ईमान और वजीर को इस्लामाबाद पुलिस ने 20 अगस्त को पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (पीटीएम) द्वारा आयोजित एक विरोध-प्रदर्शन में भाग लेने के दो दिन बाद गिरफ्तार किया था। पीटीएम जातीय पश्तूनों के अधिकारों की वकालत करता है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पाकिस्तानी मानवाधिकार वकील ईमान मजारी और पूर्व सांसद अली वजीर को सोमवार को इस्लामाबाद के आतंकवाद विरोधी अदालत ने देशद्रोह के एक मामले में जमानत दे थी, लेकिन जमानत मिलने के कुछ ही घंटे बाद ईमान मजारी को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया।
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पाकिस्तान पुलिस ने मानवाधिकार वकील ईमान मजारी को सोमवार को रावलपिंडी में अदियाला जेल के बाहर से फिर से गिरफ्तार कर लिया। इस्लामाबाद पुलिस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि ईमान को बारा काहू पुलिस स्टेशन में दर्ज आतंकवाद के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी इस्लामाबाद की आतंकवाद निरोधी अदालत (एटीसी) द्वारा ईमान और पूर्व सांसद अली वजीर को 30,000 रुपये के मुचलके पर गिरफ्तारी के बाद जमानत दिए जाने के कुछ घंटे बाद हुई है।
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पूर्व मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी की बेटी ईमान और वजीर को इस्लामाबाद पुलिस ने 20 अगस्त को पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (पीटीएम) द्वारा आयोजित एक विरोध-प्रदर्शन में भाग लेने के दो दिन बाद गिरफ्तार किया था। पीटीएम जातीय पश्तूनों के अधिकारों की वकालत करता है। ईमान ने इस्लामाबाद में पीटीएम की एक रैली को संबोधित किया था। पीटीएम पारंपरिक पुश्तू-भाषी कार्यकर्ताओं का एक समूह है और यह पाकिस्तानी सेना और शक्तिशाली सैन्य प्रतिष्ठान की आलोचना करता है।
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ईमान और वजीर के खिलाफ दर्ज की गई पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के अनुसार, दोनों को धरना देने, प्रतिरोध करने और देश के मामलों में हस्तक्षेप करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।अधिकारी इन दोनों को चल रही जांच के हिस्से के तहत गिरफ्तार करना चाहते थे। एफआईआर में आरोप लगाया गया कि दोनों गैरकानूनी सभा, प्रतिरोध और देश के मामलों में हस्तक्षेप में शामिल थे।
एटीसी ने 21 अगस्त को ईमान और वजीर को देशद्रोह मामले में तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। 24 अगस्त को, अदालत ने मामले में ईमान और वजीर की फिजिकल रिमांड बढ़ाने के अभियोजन पक्ष के अनुरोध को खारिज कर दिया और दोनों को न्यायिक रिमांड पर रावलपिंडी की अदियाला जेल भेज दिया। सोमवार (28 अगस्त) को मामले की कार्यवाही के दौरान, एटीसी जज अबुल हसनत जुल्कारनैन ने ईमान और वजीर को 30,000 रुपये के जमानत बांड पर जमानत दे दी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वजीर और ईमान के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर में कहा गया है कि 700 से 800 लोगों ने धरने में भाग लिया और कई लोग लाठियों से लैस थे और कुछ हथियारों से भी लैस थे। साथ ही उन्होंने अधिकारियों की अवहेलना और राजधानी की तरफ मार्च करने का प्रयास किया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्य राजमार्ग, जीटी रोड को प्रदर्शनकारियों ने अवरुद्ध कर दिया था। इसमें कहा गया है कि जब सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने एक सरकारी वाहन पर हमला किया, अधिकारियों के साथ विवाद किया और यहां तक कि एक अधिकारी से बलपूर्वक दंगा-रोधी किट भी छीनने में कामयाब रहे।
पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने ईमान की गिरफ्तारी की निंदा की और उसकी तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की। आयोग ने इस्लामाबाद पुलिस के कृत्य को "अस्वीकार्य" करार दिया। हाल के महीनों में पाकिस्तानी अधिकारियों ने विरोध करने के खिलाफ कार्रवाई की है। इस महीने की शुरुआत में भ्रष्टाचार के एक मामले में अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान भी तीन साल की जेल की सजा काट रहे हैं।