{"_id":"57bea6564f1c1b0527d4ef49","slug":"waseem-akhtar-to-run-karachi-via-video-link-from-behind-bars","type":"story","status":"publish","title_hn":"कराची को जेल से ही चलाएंगे शहर के नए मेयर वसीम अख्तर","category":{"title":"Pakistan","title_hn":"पाकिस्तान","slug":"pakistan"}}
कराची को जेल से ही चलाएंगे शहर के नए मेयर वसीम अख्तर
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 25 Aug 2016 01:33 PM IST
विज्ञापन
वसीम अख्तर
- फोटो : रॉयटर्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान के कराची शहर को मेयर साहब जेल के भीतर से ही चलाएंगे। जेल में बंद पाकिस्तानी नेता वसीम अख्तर कराची के मेयर निर्वाचित हुए हैं। पाकिस्तानी संसद के पूर्व सदस्य वसीम के वकील ने बताया कि जेल में बंद अख्तर अपनी सेल से ही वीडियो लिंक के जरिए शहर को चलाएंगे।
वसीम अख्तर मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के नेता हैं। उन्हें पिछले महीने मिलिटेंट की सहायता करने के आरोप में अरेस्ट किया गया था। जब चुनाव के लिए मतदान हो रहा था तब वह पुलिस के वाहन में मतदान में हिस्सा लेने आए थे। अख्तर के वकील महफूज यार खान का कहना है कि अब जेल के अंदर ही मेयर का ऑफिस बनाया जाएगा। वहीं से मेयर वीडियो लिंक के जरिए परिषद की बैठक करेंगे और काम-काज करेंगे। वकील के मुताबिक, वह पांच साल तक जेल के भीतर से कराची को चला सकता है।
वसीम अख्तर ने पिछले साल दिसंबर में स्थानीय चुनाव में जीत दर्ज की थी। हालांकि कानूनी अड़चनों के कारण वह कार्यभार नहीं संभाल सके थे। कराची शहर में मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट की कड़ी पकड़ है। कराची को पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कहा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वसीम अख्तर मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के नेता हैं। उन्हें पिछले महीने मिलिटेंट की सहायता करने के आरोप में अरेस्ट किया गया था। जब चुनाव के लिए मतदान हो रहा था तब वह पुलिस के वाहन में मतदान में हिस्सा लेने आए थे। अख्तर के वकील महफूज यार खान का कहना है कि अब जेल के अंदर ही मेयर का ऑफिस बनाया जाएगा। वहीं से मेयर वीडियो लिंक के जरिए परिषद की बैठक करेंगे और काम-काज करेंगे। वकील के मुताबिक, वह पांच साल तक जेल के भीतर से कराची को चला सकता है।
विज्ञापन
वसीम अख्तर ने पिछले साल दिसंबर में स्थानीय चुनाव में जीत दर्ज की थी। हालांकि कानूनी अड़चनों के कारण वह कार्यभार नहीं संभाल सके थे। कराची शहर में मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट की कड़ी पकड़ है। कराची को पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कहा जाता है।
विज्ञापन