पाक में वेलेंटाइंस डे पर रोक, राष्ट्रपति ने कहा ये इस्लामी परंपरा नहीं
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पाकिस्तान में वेलेंटाइन डे को 'इस्लाम विरोधी' बताते हुए इसे न मनाने की अपील की जा रही है। जमात-ए-इस्लामी जैसी कट्टरपंथी पार्टियों तो पहले भी इसका विरोध करती रही हैं, लेकिन पहली बार सरकार की तरफ से वेलेंटाइन डे मनाने पर रोक लगाई जा रही है।
खुद राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने लोगों से कहा है कि वो वेलेंटाइन डे न मनाएं क्योंकि ये इस्लामी परंपरा का हिस्सा नहीं है बल्कि पश्चिमी संस्कृति का हिस्सा है।
उन्होंने शुक्रवार को कहा, "वेलेंटाइंस डे का हमारी संस्कृति से कोई लेना देना नहीं है और इससे बचना चाहिए।"वैसे भारत में भी कई कट्टरपंथी संगठन वेलेंटाइंस डे का विरोध करते हैं और इस मौके पर अकसर मॉरल पुलिसिंग के मामले देखने को मिलते हैं।
इससे पहले पाकिस्तान के गृह मंत्री निसार अली खान ने राजधानी इस्लामाबाद में प्रशासन को हिदायत दी कि वेलेंटाइंस डे के सभी कार्यक्रमों पर रोक लगाई जाए। इसके लिए गिरफ्तारी भी हो सकती है।
'वेलेंटाइंस डे को इस्लाम में जगह नहीं'
उधर कुछ इस्लामी कट्टरपंथियों ने फूल और गुलदस्तों की दुकानों पर हमले किए हैं। इस्लामाबाद में एक मौलवी मौलाना मोहम्मद आमिर का कहना है कि वेलेंटाइंस डे जैसे आयोजनों के लिए इस्लाम में कोई जगह नहीं है।
उधर खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत में कोहाट के जिला प्रशासन ने वैलेंटाइन डे मनाने पर रोक लगा दी है। स्थानीय प्रशासन ने पुलिस अफसरों से कहा है कि वे किसी भी दुकान को वैलेंटाइन डे कार्ड या इससे जुड़ी कोई दूसरी चीज बेचने की इजाजत न दें। इससे पहले कई सालों तक धार्मिक समूहों ने वैलेंटाइन डे को बेशर्मी बताते हुए इसके खिलाफ प्रदर्शन किया था।
साल 2013 में मानवाधिकार कार्यकर्ता सबीन महमूद ने वैलेंटाइंस डे के समर्थन में अभियान चलाया था। इस पर उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलीं और वे कहीं छिप कर रहने लगीं। साल 2015 में उनकी हत्या कर दी गई।