पाक में मनाई गई भगत सिंह 86वीं पुण्यतिथि, ब्रिटिश महारानी से की माफी की मांग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान में बृहस्पतिवार को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की पुण्यतिथि मनाई गई। इस दौरान वहां के नागरिक समाज के सदस्यों और शिक्षाविदों ने तीनों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की अन्यायिक हत्या के लिए ब्रिटिश महारानी से माफी की भी मांग की।
भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन ने भगत सिंह की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में मुख्य कार्यक्रम लाहौर के फव्वारा चौक पर बृहस्पतिवार को आयोजित किया। तीनों ही स्वतंत्रता सेनानियों को 23 मार्च, 1931 में इसी चौक पर फांसी दी गई थी।
इस कार्यक्रम के आयोजित होने से पहले ही कुछ संगठनों ने कार्यक्रम आयोजित ना करने की धमकी दी थी। इसके बाद कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि वह आयोजनकर्ताओं को सुरक्षा मुहैया कराए। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रतिभागियों ने इस पुण्यतिथि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ब्रिटिश महारानी से शादमान चौक पर आने तीनों स्वतंत्रता सेनानियों की मौत पर सार्वजनिक माफी की मांग की।
'इंग्लैण्ड की महारानी मांगे माफी'
प्रस्ताव पेश करते हुए कार्यकर्ताओं ने इंग्लैण्ड की महारानी से स्वतंत्रता सेनानियों की अन्यायिक हत्या के लिए आर्थिक मुआवजा देने के अलावा भारत और पाकिस्तान के साथ उनके परिवारवालों से भी माफी मांगने को कहा। इसके साथ ही नागरिक समाज के सदस्यों ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने के लिए एक कैंडल मार्च भी निकाला।
कनाडा और भारत से जुड़े भगत सिंह के वंशज :
पाकिस्तान में भगत सिंह की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कनाडा और भारत से टेलीफोन के माध्यम से भगत सिंह के परिवार के वंशज भी जुड़े और उन्होंने लोगों से संवाद भी स्थापित किया। इनमें सरदार हुकुमत सिंह, गुरजीत धाट, अभे सिंह सिंधु, किरण जीत सिंह और सरदार सुखवेंद्र सिंह थे।