किसी को कहते हैं लेडी तालिबान तो कोई है बिजनेस वुमन, ये हैं इमरान की कैबिनेट में शामिल तीन महिलाएं
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की शपथ लेेने के बाद इमरान खान ने 21 सदस्यीय कैबिनेट का गठन किया है। उनकी इस कैबिनेट में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। ये तीनों अलग अलग पार्टियों से ताल्लुक रखती हैं। साथ ही पाकिस्तान की राजनीति में भी सुर्खियों में रहती आईं।
शिरीन माजरी
शिरीन माजरी (51) इमरान की कैबिनेट में मानवाधिकार मामलों की मंत्री हैं। वह अप्रैल 2018 में सुर्खियों में आई थीं। उस वक्त उन्होंने संसद के स्पीकर अयाज सादिक को यार कहकर संबोधित किया था। इसके अलावा उनकी बेटी इमाम ने भी सेना की आलोचना की थी। जिसके बाद वह विपक्ष के निशाने पर भी आईं।
पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी की शिरीन एक उच्च शिक्षित महिला हैं। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय से पीएचडी की पढ़ाई की है। उन्हें पाकिस्तान की सबसे शिक्षित और तेज राजनीतिज्ञ माना जाता है। उन्हें उनके विचारों के कारण लेडी तालिबान कहकर भी संबोधित किया जाता है।
शिरीन ने अपने करियर की शुरुआत कायदे-आजम विश्वविद्यालय से असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर की थी। इसके बाद साल 2002 में वह इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटजिक स्टडीज की प्रमुख भी बनीं। फिर साल 2009 में द नेशंस की एडिटर बनीं और एक टीवी शो वक्त न्यूज को होस्ट किया।
डॉक्टर फहमीदा मिर्जा
डॉक्टर फहमीदा मिर्जा (61) इमरान की कैबिनेट में अंतर प्रांतीय समन्वयन मंत्री हैं। अपनी कंपनियों के लिए गलत तरीकों से लोन लेने के कारण वह विवादों में रहीं। लेकिन वह इन आरोपों को खारिज करती आई हैं।
फहमीदा मिर्जा पाकिस्तान की ग्रैंड डेमोक्रेटिक अलायंस पार्टी से हैं। उन्होंने एमबीबीएस की शिक्षा प्राप्त की है। पेशे से खुद को बिजनेस वुमन बताने वाली फहमिदा एक प्रभावी राजनीतिक परिवार में जन्मी हैं। वह मिर्जा शुगर मिल और एक एडवरटाइजिंग कंपनी की सीईओ हैं।
उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 1997 में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) से की थी। बाद में वह 2008 में नेशनल असेंबली की स्पीकर बनीं। और फिर जून 2018 में पीपीपी को छोड़कर ग्रैंड डेमोक्रेटिक अलायंस में शामिल हो गईं।
जुबैदा जलाल खान
जुबैदा जलाल खान (58) इमरान की कैबिनेट में रक्षा उत्पान मंत्री बनाई गई हैं। जुबैदा 2002 में रक्षा मंत्री बनी थीं। वह विवादों में तब आईं जब 2008 में उनपर वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगे। जिसके बाद उनके खिलाफ जांच बिठाई गई।
बलूचिस्तान आवामी लीग की जुबैदा ने अंग्रेजी साहित्य में एमए किया है। उनकी गिनती भी पाकिस्तान की उच्च शिक्षित महिलाओं में की जाती है। वह बलूचिस्तान विश्वविद्यालय में अंग्रेजी साहित्य की प्रोफेसर भी रही हैं। वह कई किताबों की लेखिका रह चुकी हैं। जुबैदा को शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान देने के लिए राष्ट्रपति सम्मान से भी सम्मानित किया गया है।