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मलाला मामला: मीडिया पर हमले के संकेत
बीबीसी हिन्दी
Updated Sat, 13 Oct 2012 07:39 AM IST
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हमले के बाद से 100 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है लेकिन पुलिस का कहना है कि उसे अब भी मुख्य संदिग्ध की तलाश है। शुक्रवार को मलाला के लिए पाकिस्तान में मस्जिदों, स्कूलों और दफतरों में प्रार्थना सभाएँ की गईं।
स्कूली बच्चों ने मलाला के लिए दुआएँ माँगी। पाकिस्तानी की सबसे बड़ी मस्जिद शाही मस्जिद के प्रमुख मौलवी ने भी मलाला पर हमले की निंदा की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज़ अशरफ़ भी शुक्रवार को मलाला से मिलने अस्पताल गए।
नाज़ुक स्थिति
गुरुवार को मलाला को पेशावर से रावलपिंडी के सैन्य अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। मलाला की हालत के बार में सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल असीम सलीम बाजवा ने कहा, मलाला की हालत अभी ठीक है। लेकिन अगले 24 घंटे बहुत अहम हैं।
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मलाला को तालिबान ने गोली मार दी थी और वो अब भी अस्पताल में है। डॉक्टरों का कहना है कि उनके कितनी गहरी चोट लगी है ये कहना अभी मुश्किल है। मलाला लड़िकयों के लिए शिक्षा अभियान चलाती थी। उन्होंने स्वात में तालिबान के साए में ज़िंदगी पर तीन साल पहले बीबीसी के लिए डायरी भी लिखी थी।
इस बीच पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने टेलीफोन पर हुई एक बातचीत सुनी है जिससे ये संकेत मिल रहे हैं कि तालिबान उन मीडिया संस्थानों या कर्मचारियों पर हमले की योजना बना रहा है जो मलाला पर गोलीबारी की कवेरज कर रहे हैं। तालिबान पहले ही कह चुका है कि वो मलाला को फिर से शिकार बनाएंगे।
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स्कूली बच्चों ने मलाला के लिए दुआएँ माँगी। पाकिस्तानी की सबसे बड़ी मस्जिद शाही मस्जिद के प्रमुख मौलवी ने भी मलाला पर हमले की निंदा की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज़ अशरफ़ भी शुक्रवार को मलाला से मिलने अस्पताल गए।
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नाज़ुक स्थिति
गुरुवार को मलाला को पेशावर से रावलपिंडी के सैन्य अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। मलाला की हालत के बार में सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल असीम सलीम बाजवा ने कहा, मलाला की हालत अभी ठीक है। लेकिन अगले 24 घंटे बहुत अहम हैं।
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मलाला को तालिबान ने गोली मार दी थी और वो अब भी अस्पताल में है। डॉक्टरों का कहना है कि उनके कितनी गहरी चोट लगी है ये कहना अभी मुश्किल है। मलाला लड़िकयों के लिए शिक्षा अभियान चलाती थी। उन्होंने स्वात में तालिबान के साए में ज़िंदगी पर तीन साल पहले बीबीसी के लिए डायरी भी लिखी थी।
इस बीच पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने टेलीफोन पर हुई एक बातचीत सुनी है जिससे ये संकेत मिल रहे हैं कि तालिबान उन मीडिया संस्थानों या कर्मचारियों पर हमले की योजना बना रहा है जो मलाला पर गोलीबारी की कवेरज कर रहे हैं। तालिबान पहले ही कह चुका है कि वो मलाला को फिर से शिकार बनाएंगे।