मारा गया तालिबान सरगना मंसूर, अखुनजदा ने संभाली कमान
अफगानिस्तान तालिबान सरगना मुल्ला अख्तर मंसूर मारा गया है। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक तालिबान में आंतरिक संघर्ष में घायल होने के बाद मुल्ला अख्तर मंसूर की मौत हो गई है। इसके बाद मौलवी हैबातुल्लाह अखुनजदा को तालिबान का कार्यवाहक सरगना बनाया गया है। वह तालिबान का डिप्टी था।
हालांकि मंसूर के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन उसे जिंदा साबित करने को लेकर आतंकी संगठन पर काफी दबाव है। इससे पहले के तालिबान सरगना मुल्ला उमर की मौत को दो साल गुप्त रखा गया था। साथ ही तालिबान ने उमर की मौत की खबर को सिरे से खारिज किया था।
तालिबान की ओर से दो साल बाद मुल्ला उमर की मौत की पुष्टि करने के बाद मुल्ला अख्तर मंसूर चार महीने पहले ही आतंकी संगठन का सरगना बना था। उसकी नियुक्ति को लेकर तालिबान में विरोध होने की बात भी सामने आ चुकी है। शुक्रवार को पाक टीवी ‘चैनल 24’ की ओर से मुल्ला अख्तर मंसूर की मौत का दावा करने के बाद तालिबान पर दबाव बढ गया है।
आंतरिक संघर्ष की वजह से हुई मौत!
बताया जा रहा है कि अफगान तालिबान आतंकियों के साथ बैठक में बहस के बाद हुई
गोलीबारी में मंसूर गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके चलते उसकी मौत हो
गई। अफगानिस्तान में एक सूत्र ने भी मंसूर की मौत को दर्शाती तस्वीर दिखाई
है। हालांकि तालिबान ने मंसूर को जिंदा साबित करने के लिए ऑडियो संदेश जारी
करने की बात कही है।
तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि
मंसूर को गोपनीय स्थान पर रखा गया है, जहां सिर्फ कुछ विश्वासपात्र आतंकी
ही जा सकते हैं। मुजाहिद ने कहा कि मंसूर का ऑडियो संदेश जल्द हासिल करने
की कोशिश की जा रही है। वहीं, पिछले महीने तालिबान के अंदर कलह की बात
सामने आने से भी मंसूर के मारे जाने की अटकलें तेज हो गई हैं।
अगर उसकी मौत
की पुष्टि होती है, तो तालिबान के अंदर सत्ता को लेकर संघर्ष गहरा सकता
है। इसके अलावा तालिबान के साथ अफगान सरकार की वार्ता संकट में पड सकती है।
एक वरिष्ठ पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी ने बताया कि पाक के क्वेटा शहर में
भीषण गोलीबारी में मंसूर गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसमें चार तालिबान
आतंकियों के मारे जाने और कई के घायल होने की भी पुष्टि हो चुकी है।