पाकिस्तान: सिख लड़की ने पूरे पाकिस्तान में किया टॉप
पाकिस्तान में 15 साल की सिख लड़की मनबीर कौर ने टॉप करके अल्पसंख्यक सिख समुदाय का नाम रोशन कर दिया है। गुरूदारा श्री ननकाना साहिब के ग्रंथी ज्ञानी प्रेम सिंह की 15 वर्षीय बेटी ने यह कमाल कर दिया है। मनबीर कौर ने 1100 में से 1035 अंक प्राप्त किए। मनबीर कौर गुरू नानक देवजी हाई स्कूल नानकाना साहिब में पढ़ती है।
30 जुलाई को परीक्षा के परिणाम आने के बाद पूरे पाकिस्तान भर से मनबीर कौर के पास बधाई संदेश आ रहे हैं। हर समुदाय और वर्ग से जुड़े लोग उसे बधाई भेज रहे हैं। गौरतलब है कि पूरे पाकिस्तान में सिखों की आबादी सिर्फ 1 फीसदी ही है।
मनबीर के पिता ज्ञानी प्रेम सिंह को अपनी बेटी पर फर्क है। उन्होंने बताया कि जो आजतक हमारे समाज के लड़के नहीं करके दिखा पाए वो आज मेरी बेटी ने करके दिखा दिया। ज्ञानी प्रेम सिंह ने कहा कि यह मनबीर की मेहनत का ही नतीजा है। वह हमेशा से ही होनहार छात्रा रही है।
मनबीर ने कहा कि वह अपनी सफलता का आनंद अपनी मां और चाची के साथ मिलकर उठा रही है जिसकी वो हकदार है। उसने लाहौर के पंजाब ग्रुप ऑफ कॉलेज में एडमिशन लिया है। वह डॉक्टर बनना चाहती है।
फोटो-एचटी
पाकिस्तान में सिखों की जनसंख्या 15,000
गुरूदारा श्री ननकाना साहिब के ग्रंथी ज्ञानी प्रेम सिंह अमृतधारी, कीर्तन सेवा करवाते हैं। ज्ञानी प्रेम सिंह ने यहां पर महिलाओं और पुरूषों में कोई भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। अगर वो घर आसानी से चला सकती है तो वो बाहरी दुनिया को भी आसानी से क्यों नहीं जीत सकती?
उन्होंने बताया कि ननकाना साहिब में करीब 200 परिवार अपनी बेटियों को प्रोत्साहित करते हैं कि वो कुछ अच्छा कर सकें। मनबीर की चचेरी बहनों ने भी 10वीं की परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया है।
पाकिस्तान सिख गुरूदारा कमेटी ने परीक्षा परिणाम आने के बाद मनबीर सिंह सिरोपा देकर सम्मानित किया गया। अब लोगों का मानना है कि मनबीर की सफलता से यहां के युवाओं में नया जोश भर जाएगा।
वर्ष 2010 के आंकड़ो के मुताबिक पाकिस्तान में सिखों की जनसंख्या 15,000 है। पिछले तीन सालों में अल्पसंख्यक समुदाय सिखों में करीब 100 से अधिक मामले जबरदस्ती धंर्मातरण के आए हैं। ऐसे में मनबीर की सफलता अंधेरे में रोशनी लाने का काम करेगी। मनबीर की सफलता से प्रेरित होकर लोग आगे पढ़ लिखकर आर्थिक रूप से खुद पर निर्भर भी बन सकेंगे।