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समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस: अदालत के फैसले पर पाक ने जताई आपत्ति, भारत ने दिया करारा जवाब
Fri, 22 Mar 2019 09:46 PM IST
संदीप भट्ट
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: संदीप भट्ट
Updated Fri, 22 Mar 2019 09:46 PM IST
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने समझौता ट्रेन विस्फोट मामले में भारतीय अदालत के फैसले व चारों आरोपियों को बरी किए जाने पर कहा कि हम इस मामले पर विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, भारत की राष्ट्रीय जांच अदालत के फैसले ने लोगों को हिला दिया है। स्वामी असीमानंद समेत चार आरोपियों को 11 साल बाद बरी कर दिया गया, जिन्होंने पहले ही अपना अपराध कबूल लिया था। चीन से लौटते समय बृहस्पतिवार को उन्होंने इस्लामाबाद में कहा, पाकिस्तान ने इस घटना का कड़ा विरोध किया और भारत को डेमार्शे दिया है।
वहीं सूत्रों ने बताया कि इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने पाकिस्तान के विदेश कार्यालय को स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में मुकदमा निष्पक्ष तरीके से चलाया गया। भारतीय अदालतों ने कानून की प्रक्रिया का पालन किया। राजदूत ने यह भी कहा कि मामले में पाकिस्तानी गवाहों को अदालती समन भेजने समेत पाकिस्तान की ओर से सहयोग की कमी रही।
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उन्होंने कहा, भारत की राष्ट्रीय जांच अदालत के फैसले ने लोगों को हिला दिया है। स्वामी असीमानंद समेत चार आरोपियों को 11 साल बाद बरी कर दिया गया, जिन्होंने पहले ही अपना अपराध कबूल लिया था। चीन से लौटते समय बृहस्पतिवार को उन्होंने इस्लामाबाद में कहा, पाकिस्तान ने इस घटना का कड़ा विरोध किया और भारत को डेमार्शे दिया है।
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वहीं सूत्रों ने बताया कि इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने पाकिस्तान के विदेश कार्यालय को स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में मुकदमा निष्पक्ष तरीके से चलाया गया। भारतीय अदालतों ने कानून की प्रक्रिया का पालन किया। राजदूत ने यह भी कहा कि मामले में पाकिस्तानी गवाहों को अदालती समन भेजने समेत पाकिस्तान की ओर से सहयोग की कमी रही।
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