PAK बोला- जाधव ने क्यों रखे दो पासपोर्ट? राजनाथ ने कहा- रिहाई के लिए किसी भी हद तक जाएंगे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कुलभूषण जाधव के दो पासपोर्ट रखने पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि जाधव के पास 2 अलग-अलग नाम वाले पासपोर्ट थे, जिसमें एक हिंदू नाम और दूसरा मुस्लिम नाम पर था ऐसे में कोई निर्दोष व्यक्ति दो पासपोर्ट क्यों रखेगा। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एक बार फिर दोहराया है कि भारत जाधव को न्याय दिलाने और उसे रिहा कराने के लिए किसी भी हद तक जाएगा।
इससे पहले अजीज ने कुलभूषण को सुनाई गई मौत की सजा का बचाव करते हुए कहा था कि उन्हें यह सजा कानून के अनुसार सुनाई गई है और कोर्ट ने तमाम साक्ष्यों का ध्यान रखा है। हालांकि अजीज ने सफाई दी कि अभी जाधव के पास अपील करने के लिए 40 दिन का समय है। इस दौरान वह आर्मी चीफ और राष्ट्रपति के समक्ष सजा माफ करने की गुहार कर सकते हें। वहीं पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त गौतम बंबावले ने मामले को लेकर पाकिस्तान विदेश सचिव से की मुलाकात की और पाकिस्तान सैन्य अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले पर चार्जशीट की कॉपी की मांग की है। साथ ही विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे इसके लिए पाक आर्मी एक्ट का भी अध्ययन किया जा रहा है।
मंत्रालय ने बताया कि भारत ने 14वीं बार पाक से कांसुलर एक्सेस की मांग की लेकिन पाक विदेश सचिव तहमिना जंजुआ ने यह कहते हुए मना कर दिया कि यह एक जासूसी का मामला है इसलिए इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। जबकि भारतीय उच्चायुक्त का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इसकी अनुमति मिलनी चाहिए।
All efforts are being made, will go to any extent to ensure justice: Home Minister Rajnath Singh #KulbhushanJadhav pic.twitter.com/Ygg44jqbyV
— ANI (@ANI_news) April 14, 2017
जाधव को दी गई मौत की सजा पर कोई समझौता नहीं होगा
इससे पूर्व बृहस्पतिवार को पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य जनरल ने स्पष्ट किया था कि वह कथित भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव को दी गई मौत की सजा पर कोई समझौता नहीं करेंगे। पाकिस्तान सेना की जनसंपर्क इकाई इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा कि रावलपिंडी में कोर कमांडरों की एक बैठक में यह फैसला लिया गया।
आईएसपीआर ने कहा कि सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा ने बैठक की अध्यक्षता की और जाधव मामले में आगे के घटनाक्रम से अवगत कराया। बैठक में सेना के प्रमुख जनरलों ने यह कहा कि ऐसे राज्य विरोधी कृत्यों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
आपको बता दें कि मामले के संबंध में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बंबावले ने कहा कि अगर पाकिस्तान सरकार कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा देती है, तो फिर पड़ोसी देश को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसको एक भारतीय नागरिक की हत्या माना जाएगा। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जाधव को बचाने के लिए देश किसी भी हद तक जाएगा। हम पूरा प्रयास करेंगे कि जाधव को सुरक्षित रखा जा सके।
वहीं एक अन्य घटनाक्रम में लाहौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा है कि कुलभूषण जाधव के लिए कोई वकील पैरवी करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लाहौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव अमर सईद राय ने शुक्रवार को बार की बैठक के बाद कहा, "LHBA ने सर्वसम्मति से ये प्रस्ताव पारित किया है कि कोई भी वकील भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव की पैरवी करता है तो उसकी सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।"