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अमेरिका के दबाव में पाक सरकार का फरमान, हाफिज को चंदा दिया तो 10 साल की जेल
एजेंसी, इस्लामाबाद
Updated Sun, 07 Jan 2018 04:21 AM IST
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Hafiz Saeed
अमेरिका के आर्थिक मदद रोकने और हर तरह की कार्रवाई के विकल्प खुले होने की चेतावनी के बाद से पाकिस्तान में हड़कंप है। किसी अप्रत्याशित बड़ी कार्रवाई के डर से पाकिस्तान सरकार ने शनिवार को मुंबई हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद के तथाकथित खैराती संगठनों समेत 72 प्रतिबंधित संगठनों की सूची जारी कर दी।
सरकार ने चेतावनी दी है कि जो भी इन प्रतिबंधित संगठनों को चंदा देगा, उन्हें 10 साल की जेल और जुर्माना भुगतना होगा। उनकी चल-अचल संपत्ति भी जब्त कर ली जाएगी। इन 72 प्रतिबंधित संगठनों में दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकियों में शुमार हाफिज सईद के जमात-उद-दावा (जेयूडी), फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) और लश्कर-ए-ताइबा तथा मसूद अजहर का जैश-ए-मोहम्मद शामिल हैं।
पढ़ें- पुराने दोस्त पाकिस्तान के पीछे क्यों पड़ा अमेरिका?
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पाक सरकार ने सभी बड़े अखबारों में देशव्यापी विज्ञापन जारी किया है। इसमें कहा गया है, पाक के आतंकवाद रोधी कानून, 1997 और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 1948 के अधिनियम के तहत प्रतिबंध अथवा निगरानी सूची में आने वाले संगठनों को धन उपलब्ध कराना अपराध है। जो भी इन लोगों अथवा संगठनों को धन देगा उसे पांच से दस साल की जेल अथवा दस लाख रुपये का जुर्माना या दोनों भुगतना होगा।
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सरकार ने चेतावनी दी है कि जो भी इन प्रतिबंधित संगठनों को चंदा देगा, उन्हें 10 साल की जेल और जुर्माना भुगतना होगा। उनकी चल-अचल संपत्ति भी जब्त कर ली जाएगी। इन 72 प्रतिबंधित संगठनों में दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकियों में शुमार हाफिज सईद के जमात-उद-दावा (जेयूडी), फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) और लश्कर-ए-ताइबा तथा मसूद अजहर का जैश-ए-मोहम्मद शामिल हैं।
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पाक सरकार ने सभी बड़े अखबारों में देशव्यापी विज्ञापन जारी किया है। इसमें कहा गया है, पाक के आतंकवाद रोधी कानून, 1997 और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 1948 के अधिनियम के तहत प्रतिबंध अथवा निगरानी सूची में आने वाले संगठनों को धन उपलब्ध कराना अपराध है। जो भी इन लोगों अथवा संगठनों को धन देगा उसे पांच से दस साल की जेल अथवा दस लाख रुपये का जुर्माना या दोनों भुगतना होगा।
पाक आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध करा रहा है
हाफिज सईद
- फोटो : self
पाक ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फटकार के बाद सईद के जेयूडी और एफआईएफ के चंदा जुटाने पर सोमवार को प्रतिबंध लगा दिया था। ट्रंप ने इस्लामाबाद पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उसने झूठ और धोखे के सिवा अमेरिका को कुछ नहीं दिया। पाक आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध करा रहा है। नए साल के पहले ही दिन ट्रंप ने पाक को लेकर तीखा ट्वीट किया था। इसमें कहा गया था, पाकिस्तान अमेरिकी अधिकारियों को मूर्ख बनाता रहा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के नाम पर 33 अरब डॉलर हासिल कर लिए।
अब पाक सरकार ने कंपनियों और लोगों को जेयूडी, एफआईएफ और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंधों वाली सूची में शामिल संगठनों को चंदा देने पर रोक लगा दी है। विज्ञापन में लोगों को साफ कहा गया है कि वह इस बात का ध्यान रखें कि जो पैसा वो खैरात के नाम पर दे रहे हैं, वह गलत हाथों में न पड़े। दरअसल, अमेरिका ने दबाव बढ़ाते हुए पाक से उसकी जमीन से संचालित हो रहे सभी आतंकी संगठनों पर निर्णायक कार्रवाई करने को कहा है।
अब पाक सरकार ने कंपनियों और लोगों को जेयूडी, एफआईएफ और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंधों वाली सूची में शामिल संगठनों को चंदा देने पर रोक लगा दी है। विज्ञापन में लोगों को साफ कहा गया है कि वह इस बात का ध्यान रखें कि जो पैसा वो खैरात के नाम पर दे रहे हैं, वह गलत हाथों में न पड़े। दरअसल, अमेरिका ने दबाव बढ़ाते हुए पाक से उसकी जमीन से संचालित हो रहे सभी आतंकी संगठनों पर निर्णायक कार्रवाई करने को कहा है।