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पाक सरकार की इस हरकत के कारण पानी को तरस रही पीओके की जनता, किया प्रदर्शन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 11 Sep 2018 12:44 PM IST
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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में प्रदर्शन करते लोग
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की जनता पाकिस्तान सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आई है। प्राकृतिक संसाधनों के दोहन पर रोक लगाने की मांग को लेकर पीओके में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए।
मुजफ्फराबाद में लोगों ने सड़क पर उतर कर मांग की कि नीलम नदी का पानी पंजाब प्रांत की ओर मोड़ा जा रहा है, इसे जल्द से जल्द रोका जाए। मुजफ्फराबाद के लिए नीलम नदी को जीवन रेखा कहा जाता है। वहीं, पाकिस्तान सरकार यहां के निवासियों को पानी से वंचित कर रही है। पाकिस्तान सरकार की इस योजना से नीलम नदी का पानी पंजाब प्रांत की ओर जो रहा है, जिस कारण मानसून होने के बावजूद नदी सूखती जा रही है।
मुजफ्फराबाद में जगह-जगह हो रहे प्रदर्शनों में प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनसे उनका मूलभूत अधिकार छीना जा रहा है। वहीं, नीलम-झेलम हाइड्रो पावन प्रोजेक्ट के बाद से नीलम नदी की स्थिति गंदे नाले जैसी हो गई है। एक प्रदर्शनकारी के मुताबिक जल संसाधनों के साथ खिलवाड़ का सीधा असर हम लोगों के जीवन पर पड़ेगा। लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ेगा और एक तरह से सब खत्म होने लगेगा। इस समस्या के समाधान के लिए हम रावलपिंडी से मुजफ्फराबाद आए हैं, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
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पानी की कमी के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। लोगों ने जल एवं विद्युत विकास प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी भी की। यह प्राधिकरण पीओके में विद्युत उत्पादन कर उसे पंजाब व अन्य राज्यों में भेजता है। वहीं, पीओके में लोग बिजली कटौती की समस्या का भी सामना कर रहे हैं।
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मुजफ्फराबाद में लोगों ने सड़क पर उतर कर मांग की कि नीलम नदी का पानी पंजाब प्रांत की ओर मोड़ा जा रहा है, इसे जल्द से जल्द रोका जाए। मुजफ्फराबाद के लिए नीलम नदी को जीवन रेखा कहा जाता है। वहीं, पाकिस्तान सरकार यहां के निवासियों को पानी से वंचित कर रही है। पाकिस्तान सरकार की इस योजना से नीलम नदी का पानी पंजाब प्रांत की ओर जो रहा है, जिस कारण मानसून होने के बावजूद नदी सूखती जा रही है।
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मुजफ्फराबाद में जगह-जगह हो रहे प्रदर्शनों में प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनसे उनका मूलभूत अधिकार छीना जा रहा है। वहीं, नीलम-झेलम हाइड्रो पावन प्रोजेक्ट के बाद से नीलम नदी की स्थिति गंदे नाले जैसी हो गई है। एक प्रदर्शनकारी के मुताबिक जल संसाधनों के साथ खिलवाड़ का सीधा असर हम लोगों के जीवन पर पड़ेगा। लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ेगा और एक तरह से सब खत्म होने लगेगा। इस समस्या के समाधान के लिए हम रावलपिंडी से मुजफ्फराबाद आए हैं, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
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पानी की कमी के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। लोगों ने जल एवं विद्युत विकास प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी भी की। यह प्राधिकरण पीओके में विद्युत उत्पादन कर उसे पंजाब व अन्य राज्यों में भेजता है। वहीं, पीओके में लोग बिजली कटौती की समस्या का भी सामना कर रहे हैं।