फलस्तीन ने राजदूत को पाक वापस भेजने की खबरें की खारिज, हाफिज के साथ की थी रैली
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पाकिस्तान का दुष्प्रचार दुनिया के सामने एक बार फिर बेनकाब हो गया है। दरअसल, पाक मीडिया रिपोर्टों में दावा किया था कि फलस्तीन ने आतंकी हाफिज सईद के साथ मंच साझा करने वाले राजदूत वालिद अबु अली को फिर से इस्लामाबाद के लिए बहाल कर दिया है। इन रिपोर्टों के सामने आने के बाद फलस्तीन ने पाक मीडिया के दावे को सिरे से खारिज कर दिया।
नई दिल्ली में फलस्तीनी दूतावास ने रविवार को कहा, ‘हमें नहीं पता कि फलस्तीनी राजदूत को वापस पाक भेजे जाने की यह सूचना कहां से आई है। जहां तक हमारी जानकारी है, वह अभी भी फलस्तीन में हैं।’ दूसरी ओर फलस्तीनी विदेश मंत्रालय ने भी पाक मीडिया की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया।
मंत्रालय ने रविवार कहा, ‘हम ऐसी रिपोर्टों को खारिज करते हैं। हमारे पाकिस्तान में नियुक्त राजदूत इस समय फलस्तीन में हैं। इस मसले पर हमारा जो भी रुख है उसे पिछले हफ्ते में ही आधिकारिक बयान के जरिए साफ कर दिया गया था।’
बता दें कि रविवार सुबह पाकिस्तान उलेमा काउंसिल (पीयूसी) के प्रमुख मौलाना ताहिर अशरफी के हवाले से जियो न्यूज ने बताया था कि फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने वालिद अबु अली को फिर से पाक में राजदूत बना दिया है। इतना ही नहीं पीयूसी अध्यक्ष का यह भी दावा था कि वालिद अबु अली बुधवार को पाकिस्तान लौट आएंगे और अपना कार्यभार फिर से संभाल लेंगे।
फलस्तीन राजदूत के कृत्य पर जता चुका है खेद
बता दें कि बीते दिनों रावलपिंडी की एक रैली में मुंबई हमले के मास्टरमाइंट आतंकी हाफिज सईद के साथ फलस्तीनी राजदूत वालिद अबु अली के मंच साझा करने पर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। भारत ने कहा था कि फलस्तीनी राजदूत का आतंकियों के साथ मंच साझा करना अस्वीकार्य है। इस घटना पर खेद जताते हुए फलस्तीन ने कहा था कि भारत के साथ उसे दोस्ताना रिश्ते हैं। इसके बाद उसने वालिद अबु अली को वापस बुला लिया था।