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लोकतंत्र समर्थक होने से बाजवा को मिला सेना प्रमुख का पद

Mon, 28 Nov 2016 04:35 AM IST
एजेंसी
एजेंसी Updated Mon, 28 Nov 2016 04:35 AM IST
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Pakistani Media On Why Qamar Bajwa Got The Country's Top Military Job
पाक सेनाध्यक्ष - फोटो : Getty Images
जनरल कमर बाजवा के सुर्खियों से दूर रहने और लोकतंत्र समर्थक के तौर पर अच्छी साख ने पाक पीएम नवाज शरीफ को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। इसी कारण शरीफ ने कई शीर्ष जनरलों को नजरअंदाज कर उन्हें सेना प्रमुख के शक्तिशाली पद पर नियुक्त किया। पाकिस्तान की मीडिया और विशेषज्ञों ने रविवार को इस बात का दावा किया। एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री शरीफ ने जनरल राहील शरीफ के उत्तराधिकारी के तौर पर जनरल बाजवा को सेना प्रमुख नियुक्त किया। 
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पाक के प्रमुख अखबार ‘दी न्यूज’ ने लिखा है, ‘जनरल बाजवा की प्रोफाइल से साफ हो जाता है कि लोकतंत्र में उनके भरोसे ने उन्हें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के पद तक पहुंचाया।’ पाक मीडिया ने कहा है कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने ऐसे शख्स को सेना प्रमुख नियुक्त करना चाहते थे जो सैन्य विशेषज्ञ होने के साथ ही इस्लामी देश में लोकतंत्र का समर्थन करने वाला हो। 
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आजादी के बाद करीब 70 साल के पाकिस्तान के इतिहास में आधे से ज्यादा समय तक सेना का शासन रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘सेना प्रमुख पद के लिए जिन चार जनरलों के नाम की चर्चा थी वे सभी सैन्य अकादमी से एक ही दिन बाहर निकले थे, लेकिन नि:संदेह जनरल बाजवा के पास दूसरों की तुलना में कई प्रकार का अनुभव है। बाजवा की क्षमता, साख, अनुभव और सबसे बड़ी कोर का सफलतापूर्वक नेतृत्व करना भी उन्हें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बनाने में सहायक साबित हुआ।’
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एक और प्रमुख अखबार डॉन ने कहा, ‘जनरल बाजवा का नागरिक सरकार के साथ संबंधों को लेकर रवैया ज्यादा उदार है। ऐसा माना जा रहा है कि इसी कारण पीएम शरीफ ने यह निर्णायक फैसला लिया।’ जनरल बाजवा के पूर्व कमांडिंग अधिकारियों ने अखबार को बताया कि नए सेना प्रमुख का मानना है कि सेना को लोकतांत्रिक मसलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। 

सोशल मीडिया पर नहीं हैं बाजवा

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डॉन ने लिखा है कि पीएम शरीफ ने इस उम्मीद के साथ जनरल बाजवा को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और जनरल जुबेर महमूद हयात को ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी का चेयरमैन बनाया है जिससे सरकार और सेना के नाजुक संबंधों को स्थिर बनाया जा सके।

पाकिस्तान के नए सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा सोशल मीडिया पर नहीं हैं। पाक सेना ने रविवार को साफ कहा कि सोशल मीडिया पर नए आर्मी चीफ के नाम से अगर कोई अकाउंट है तो वह फर्जी है। सेना की मीडिया शाखा के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल असीम सलीम बाजवा ने ट्वीट कर बताया कि जनरल बाजवा की सोशल मीडिया पर ‘शून्य उपस्थिति’ है। सभी फेसबुक, ट्विटर और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके नाम से बनाए गए अकाउंट फर्जी हैं।

सहज सैन्य अधिकारी की है छवि
जनरल बाजवा को बुद्धिमान, आसानी से उपलब्ध होने वाले, जवानों से सीधा जुड़े हुए एक सहज सैन्य अधिकारी के तौर पर जाना जाता है। उन्हें सुर्खियों में रहना पसंद नहीं है। बलूच रेजीमेंट से सेना प्रमुख बनने वाले वह चौथे अधिकारी हैं। इससे पहले इसी रेजीमेंट के जनरल याह्या खान, जनरल असलम बेग और जनरल कयानी इस पद पर पहुंचे हैं।
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