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पीओके में विरोध करने वालों को आतंकी मानकर कार्रवाई करेगा पाक
एजेंसी, वाशिंगटन
Updated Fri, 19 Aug 2016 06:01 AM IST
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- फोटो : Getty Images
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पीओके शासित प्रदेश गिलगित में विरोध प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ पाकिस्तान आतंकवाद निरोधी कानून के तहत कार्रवाई करेगा। यह कहना है यहां के योजना, सुधार एवं विकास मंत्री अहसान इकबाल का। उन्होंने कहा है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ आतंक निरोधी कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
गिलगित-बाल्टिस्तान नेशनल कांग्रेस के निदेशक सेंजे हसन सेरिंग ने इसकी जानकारी दी। अहसान इकबाल के हवाले से सेरिंग ने ट्वीट किया, ‘गिलगित बाल्टिस्तान में सीपीईसी का विरोध करने वाले लोगों के खिलाफ आतंकवाद निरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी : पाकिस्तानी मंत्री इकबाल।’
हाल के महीनों में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान में सीपीईसी के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। सीपीईसी का विरोध करने वाले लोगों के खिलाफ पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कड़ी कार्रवाई भी की। साथ ही शीर्ष राजनीतिक कार्यकर्ता बाबा जान समेत 500 से ज्यादा युवा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। पाकिस्तान के उत्पीड़न और अत्याचार के खिलाफ भी गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
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गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों का कहना है कि सीपीईसी के जरिए उनके क्षेत्र के जल संसाधनों का दोहन किया जाएगा, जिसका फायदा सिर्फ पाकिस्तान को ही होगा। स्थानीय जनता को मायूसी झेलनी पड़ेगी। इसके अलावा ये लोग इस बात को लेकर भी बेहद चिंतित हैं कि सीपीईसी से क्षेत्र में चीन का वर्चस्व बढे़गा। गिलगित-बाल्टिस्तान का नेतृत्व भी इस विवादित गलियारे का विरोध कर रहा है।
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गिलगित-बाल्टिस्तान नेशनल कांग्रेस के निदेशक सेंजे हसन सेरिंग ने इसकी जानकारी दी। अहसान इकबाल के हवाले से सेरिंग ने ट्वीट किया, ‘गिलगित बाल्टिस्तान में सीपीईसी का विरोध करने वाले लोगों के खिलाफ आतंकवाद निरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी : पाकिस्तानी मंत्री इकबाल।’
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हाल के महीनों में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान में सीपीईसी के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। सीपीईसी का विरोध करने वाले लोगों के खिलाफ पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कड़ी कार्रवाई भी की। साथ ही शीर्ष राजनीतिक कार्यकर्ता बाबा जान समेत 500 से ज्यादा युवा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। पाकिस्तान के उत्पीड़न और अत्याचार के खिलाफ भी गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
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गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों का कहना है कि सीपीईसी के जरिए उनके क्षेत्र के जल संसाधनों का दोहन किया जाएगा, जिसका फायदा सिर्फ पाकिस्तान को ही होगा। स्थानीय जनता को मायूसी झेलनी पड़ेगी। इसके अलावा ये लोग इस बात को लेकर भी बेहद चिंतित हैं कि सीपीईसी से क्षेत्र में चीन का वर्चस्व बढे़गा। गिलगित-बाल्टिस्तान का नेतृत्व भी इस विवादित गलियारे का विरोध कर रहा है।
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के खिलाफ पीछे हटने को तैयार नहीं पीओके की जनता
पीओके
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा के खिलाफ पीओके की जनता पीछे हटने को तैयार नहीं है। हाल ही में गिलगित-बाल्टिस्तान की अवामी एक्शन कमेटी ने सीपीईसी के खिलाफ पूरे क्षेत्र में अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया। उसका कहना है कि जब तक पाकिस्तान गिलगित-बाल्टिस्तान से अपने सुरक्षा बलों को वापस नहीं बुलाता है और सीपीईसी पर फैसले को वापस नहीं लेता है, तब तक विरोध प्रदर्शन बंद नहीं किया जाएगा। अवामी एक्शन कमेटी करीब 23 धार्मिक, राष्ट्रवादी और राजनीतिक समूहों का गठबंधन हैं। कमेटी सीपीईसी पर गिलगित-बाल्टिस्तान की जनता को पर्याप्त हिस्सा नहीं मिलने के खिलाफ है।
पाक के उत्पीड़न और अत्याचार के खिलाफ लोगों में गुस्सा
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान के अत्याचार, उत्पीड़न और मानवाधिकार हनन के खिलाफ स्थानीय लोगों में जमकर गुस्सा है। पाक के जुल्म से आजिज स्थानीय जनता पाकिस्तानी सेना की गिलगित-बाल्टिस्तान से वापसी की मांग कर रही है। यहां के लोगों को राजनीतिक अधिकार भी नहीं मिल रखे हैं। भारत भी पीओके और बलूचिस्तान की जनता का दर्द उठा चुका है।
पाक के उत्पीड़न और अत्याचार के खिलाफ लोगों में गुस्सा
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान के अत्याचार, उत्पीड़न और मानवाधिकार हनन के खिलाफ स्थानीय लोगों में जमकर गुस्सा है। पाक के जुल्म से आजिज स्थानीय जनता पाकिस्तानी सेना की गिलगित-बाल्टिस्तान से वापसी की मांग कर रही है। यहां के लोगों को राजनीतिक अधिकार भी नहीं मिल रखे हैं। भारत भी पीओके और बलूचिस्तान की जनता का दर्द उठा चुका है।