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पाकिस्तान में चीनी नागरिकों के लिए बसाया जाएगा शहर, ड्रैगन खर्च करेगा 150 मिलियन

Tue, 21 Aug 2018 01:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Updated Tue, 21 Aug 2018 01:19 PM IST
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Pakistan will have only chinese city in Gwadar as part of CPEC at the cost of 150 million

चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर (सीपीईसी) के अंतर्गत चीन अपने 5 लाख नागरिकों के लिए पाकिस्तान के ग्वादर में एक शहर बसाने जा रहा है। इस शहर को बनाने में ड्रैगन 15 करोड़ रुपए खर्च करेगा। चीन का दक्षिण एशिया में यह अपनी तरह का पहला शहर होगा। माना जा रहा है कि पाकिस्तान के बंदरगाह शहर में इस प्रस्तावित शहर में 2022 से करीब 5 लाख लोग रहेंगे।

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चीन की योजना के अनुसार यह लोग वित्तीय जिले में काम करेंगे। इस आवासीय शहर में केवल चीनी नागरिक रहेंगे। जिसका मतलब यह हुआ कि पाकिस्तान का इस्तेमाल उपनिवेश के तौर पर होगा। जानकारी के अनुसार चीन ने पाकिस्तान इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन से 36 लाख वर्ग फुट के अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह शहर को खरीदा है। 15 करोड़ की इस रिहायशी परियोजना में 2022 से 5 लाख कर्मचारी रहने लगेंगे।
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चीन ने अफ्रीका और सेंट्रल एशिया में परियोजनाओं पर काम करने वाले अपने नागरिकों के लिए वहां रिहायशी इलाके या सबसिटी तैयार किए हैं। चीनी नागरिकों पर आरोप है कि उन्होंने पूर्वी रूस और म्यांमार के उत्तरी क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया है। चीनी नागरिकों के रिहायशी परियोजनाओं को लेकर वहां से स्थानीय लोगों में असंतोष फैला हुआ है।
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चीन ने पाकिस्तान के पाइपलाइन, रेलवे, हाईवे, पावर प्लांट्स, औद्योगिक क्षेत्रों और मोबाइल नेटवर्क में निवेश किया है ताकि बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) को भौगोलिक प्रगति दी जा सके। बदले में चीन के विनिर्माण शहरों ने माल लाने और ले जाने के लिए सुरक्षित और अच्छी शिपिंग लेन और रेलवे, पोर्ट रेनोवेशन और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के जरिए बेहतर लिंक बना लिए हैं।


सीपीईसी में प्रस्तावित 39 परियोजनाओं में से 19 पहले ही पूरी हो चुकी हैं या फिर उनपर काम हो रहा है। इन पर चीन ने 2015 से अब तक करीब 18.5 अरब डॉलर का निवेश किया है।

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