पड़ोसियों से रिश्ते सुधारना चाहते हैं इमरान खान, भारत से निर्बाध वार्ता की रखी पेशकश
पाक के 22वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद क्रिकेट से राजनीति में आए इमरान खान ने पहली बार देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने सभी पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते बनाएंगे। उन्होंने कहा, चूंकि बिना शांति के देश तरक्की नहीं कर सकता है इसलिए हम पड़ोसियों से वार्ता भी करेंगे।
दूसरी तरफ, पाक ने नए विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी भारत के साथ लंबे समय से लंबित मुद्दों पर निर्बाध वार्ता की पेशकश रखी है। उन्होंने कहा कि समस्याओं के बारे में हम दोनों को पता है लेकिन वार्ता के अलावा हमारे पास कोई विकल्प भी नहीं है। इमरान खान ने बतौर पीएम राष्ट्र के नाम अपने पहले ही भाषण में आतंकवाद पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से लड़ने के लिए हम राष्ट्रीय एक्शन प्लान में संशोधन कर उसे और सशक्त बनाएंगे।
पाक के नए पीएम ने आर्थिक मोर्चे पर पाक की चुनौतियों का जिक्र करते हुए इसे सुधारने पर बल दिया। उन्होंने पूर्व पीएमएल-एन सरकार पर पाक को कर्ज के जाल में उलझाने का आरोप मढ़ते हुए कहा कि हम पर 28 हजार अरब रुपये का कर्ज है और इतिहास में हम कभी इतने ऋणग्रस्त नहीं रहे जितना पिछले 10 वर्षों में रहे हैं।
पाक के नए विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारत के साथ बातचीत की पेशकश रखते हुए दोस्ती का हाथ बढ़ाया। उन्होंने कहा कि भारत और पाक को यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी ने इमरान को पत्र लिखकर दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू करने के संकेत दिए हैं। कुरैशी ने कहा कि दोनों देशों के बीच पेचीदा मसले हैं उन्हें हल करने में परेशानी आ सकती हैं। साथ ही यह भी मान लेना चाहिए कि कश्मीर एक सच्चाई है।
सिर्फ दो नौकर और दो कारों को रखूंगा : इमरान
पाक पीएम पद की शपथ लेने के बाद इमरान खान ने देश की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कई खर्चों में कटौती की बात कही। उन्होंने अपनी योजनाएं बताते हुए कहा, मैं पीएम आवास में 524 नौकर-चाकरों की जगह सिर्फ दो लोगों को रखूंगा और तीन बेडरूम वाले आवास में ही रहूंगा। उन्होंने कहा कि पीएम आवास में कुल 80 कारें हैं लेकिन मैं सिर्फ दो कार रखूंगा क्योंकि खुफिया एजेंसियों ने मुझे बताया है कि मेरी जान को खतरा है।
खान ने कहा पीएम के पास 33 बुलेट प्रूफ कारें भी हैं जिनकी नीलामी की जाएगी। उन्होंने कारोबारियों को उन्हें खरीदने का न्योता भी दिया। उन्होंने कहा, एक तरफ हमारे पास अपने लोगों पर खर्च करने के लिए पैसे नहीं है और दूसरी तरफ हमारे यहां कुछ लोग ऐसे तरह रहते हैं जैसे औपनिवेशिक स्वामी रहते थे।
इमरान ने और भी चुनौतियां गिनाईं
इमरान ने कहा कि देश के सामने आर्थिक के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी कई चुनौतियां है। इमरान ने अपनी सरकार का खाका पेश करते हुए कहा कि वो न्यायपालिका, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, सिविल सेवा में सुधार, सत्ता का हस्तांतरण और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में हरसंभव कदम उठाएंगे। उन्होंने पाकिस्तानी जनता से आग्रह करते हुए कहा कि वो गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य देखभाल सुविधा में सुधार तथा बच्चों को उचित पोषाहार प्रदान करने में उनका साथ दें।