पाकिस्तान के सार्क निमंत्रण वाले दांव को भारत ने नहीं दी तरजीह
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पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्क बैठक के लिए निमंत्रण भेजा जाएगा। विदेश विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने इस्लामाबाद में मंगलवार को एक सम्मेलन में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के विजयी भाषण की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि भारत एक कदम आगे बढ़ाएगा, तो पाकिस्तान दो कदम आगे बढ़ाएगा।
हालांकि पाकिस्तान द्वारा पीएम मोदी को निमंत्रण दिए जाने के दांव को भारत ने कोई तरजीह नहीं दी है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत सार्क का अभिन्न हिस्सा है और उसे किसी विशेष निमंत्रण की जरूरत नहीं है। वैसे भी अभी सम्मेलन की तारीख तय नहीं हुई है।
उड़ी हमले के बाद इस्लामाबाद में 2016 का सार्क शिखर सम्मेलन हो चुका है रद्द
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 की सार्क बैठक इस्लामाबाद में होनी थी, लेकिन जम्मू-कश्मीर के उड़ी में सैन्य शिविर में घातक आतंकी हमले के बाद भारत ने उसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। उसके बाद बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान के भी इस्लामाबाद की बैठक में हिस्सा लेने से इनकार के बाद सार्क समिट को रद्द कर दिया गया था। सार्क के आठ सदस्य देश हैं।
विदेश विभाग ने भारत के एक कदम बढ़ाने पर पाक के दो कदम आगे बढ़ाने की दिलाई याद
पाकिस्तान के अखबार डॉन के हवाले से कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी को सार्क बैठक के लिए न्योता भेजा जाएगा। फैसल ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने भारतीय समकक्ष को लिखे एक पत्र में सभी लंबित मुद्दों को बातचीत से हल करने की मंशा जताई थी। फैसल ने कहा कि हमने भारत के साथ जंग लड़ी है, इसलिए रिश्ते इतनी जल्दी ठीक नहीं हो सकते।
सदस्य देशों के नाम क्रम से मिलती है सार्क बैठक की मेजबानी
सार्क बैठक आमतौर पर दो वर्ष में एक बार होती है। इसमें नाम क्रम के अनुसार सदस्य देशों को बैठक की मेजबानी मिलती है। मेजबानी करने वाला देश ही सार्क का अध्यक्ष होता है। पिछली सार्क बैठक 2014 में काठमांडू में हुई थी, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने हिस्सा लिया था।
भारतीय सिख श्रद्धालुओं को वीजा मुक्त दर्शन की सुविधा
फैसल ने यह भी कहा कि करतारपुर कॉरिडोर में भारतीय सिख श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा दरबार साहिब में दर्शन के लिए वीजा मुक्त आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान स्थित कॉरिडोर छह महीने में बन कर तैयार हो जाएगा।