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शहीद का दर्जा मिलने के बाद 39वीं पुण्यतिथि पर भुट्टो समर्थकों ने दी दुआएं
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 04 Apr 2018 03:09 PM IST
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो की आज 39वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। रावलपिंडी के जिन्ना पार्क (पुरानी जेल) में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां सुबह दस बजे कुरान खवानी की रस्म अदायगी की गई। वहीं एक बजे उनके लिए दुआ का एक कार्यक्रम रखा गया, जहां उनके कई समर्थक एकजुट हुए।
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बता दें कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के संस्थापक जुल्फिकार अली भुट्टो की पुण्यतिथि पर पार्टी के कई नेता गढ़ी खुदा बख्श गांव में इकट्ठा हुए। सिंध प्रांत के इस गांव में ही जुल्फिकार अली भुट्टा का मकबरा है, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं को भी संबोधित किया गया।
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पार्टी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी और सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी ने इस कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान नेशनल असेंबली में विपक्षी नेता सईद खुर्शीद अहमद शाह और निसार अहमद खुहरा, सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह और पीपीपी के कई केंद्रीय नेता भी मौजूद रहे।
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इस अवसर पर सिंध के श्रम और मानव संसाधन विभाग ने 4 अप्रैल को सिंध में सार्वजनिक अवकाश के रूप में घोषित किया है। इस कार्यक्रम में भुट्टो पर बनाई गई एक डॉक्यूमेंट्री का भी प्रदर्शन होना है।
बता दें कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो की मौत के 39 साल बाद सिंध हाईकोर्ट ने भुट्टो को शहीद का दर्जा दिया है। कोर्ट का कहना है कि भुट्टो तानाशाही शासन का शिकार हुए थे।
भुट्टो पाकिस्तान के सबसे ताकतवर नेताओं में थे पर उन्हें फौज ने 1977 में गद्दी से उतार दिया था और दो साल बाद 1979 में उन्हें फांसी दे दी गई थी। उन पर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी के हत्या में शामिल होने होने का आरोप लगता रहा, जिससे वो हमेशा इनकार करते रहे।
भुट्टो 1973 से 1977 तक प्रधानमंत्री रहे और इससे पहले अयूब खान के शासनकाल में विदेश मंत्री रहे थे। लेकिन अयूब खान से मतभेद होने के कारण उन्होंने अपनी नई पार्टी (पीपीपी) 1967 में बनाई थी।