पाकिस्तानी आर्मी ने पहली बारा माना देश में हैं आईएस के आतंकी
पाकिस्तान की सेना ने मंगलवार को पहली बार स्वीकार किया कि पाकिस्तान में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के आतंकी हैं। साथ ही आर्मी ने यह भी दावा किया कि उसने सैकड़ों इस्लामिक स्टेट के आतंकियों को गिरफ्तार किया है और उन्हें बड़े हमले करने से रोका है। आर्मी के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल असीम बाजवा ने कहा,'सेना ने आईएस आतंकियों के विदेशी दूतावासों, इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर हमला करने के मंसूबों को नाकाम कर दिया है।'
पाकिस्तान में पहली बार आईएस ने अपने कदम जनवरी 2015 में जमाने शुरू किए थे जब पाकिस्तान तालिबान के 6 आतंकियों ने आईएस में शामिल होने के लिए अल-कायदा को छोड़ दिया था। अल-कायदा और आईएस में वर्चस्व को लेकर संघर्ष भी चल रहा है।
असीम बाजवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया ,'आईएस ने पाकिस्तान में पैर जमाने के बहुत प्रयास किए हैं लेकिन इसके मुख्य आतंकियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।' बाजवा ने कहा,'आईएस के प्लानिंग और लड़ाकू विंग से जुड़े 399 आतंकियों सहित इसके मास्टरमाइंड और शीर्ष कमांडर अली रहमान को गिरफ्तार किया जा चुका है।'
आतंकियों ने छोटे पैमाने पर हमले भी किए
आर्मी प्रवक्ता ने कहा,'आईएस के आतंकियों ने पाकिस्तान में छोटे पैमाने पर हमले भी किए हैं। 2015 में मानवाधिकार कार्यकर्ता सबीन महमूद की कराची में हत्या आईएस के आतंकियों ने ही की थी। टीवी चैनलों और पत्रकारों पर भी आतंकियों ने ग्रेनेड से हमले किए थे।'
हालांकि प्रवक्ता ने पिछले महीने क्वेटा के अस्पताल में हुए आत्मघाती हमले में आईएस का हाथ होने से इंकार किया। इस हमले में 73 लगो मारे गए थे। मरने वालों में कई वरिष्ठ वकील भी थे। हमले की जिम्मेदारी जमातुल अहरार ने ली थी।