सजा पूरी होने के बाद भी भारतीय को नहीं रिहा कर रहा पाक, भारतीय हाई कमीशन ने दायर की याचिका
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भारतीय हाई कमीशन ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में एक भारतीय नागरिक को सजा देने के खिलाफ याचिका दायर की है। पाकिस्तान में एक भारतीय नागरिक को पांच साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। सजा पूरी हो जाने के बाद भी पाकिस्तान भारतीय नागरिक को रिहा नहीं कर रहा है। जिसके खिलाफ भारतीय हाई कमीशन ने याचिका दायर की है।
बुधवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश आमेर फारूक ने मामले पर संज्ञान लिया।
हालांकि कोर्ट ने याचिका को बाद में खारिज कर दिया है। दायर याचिका के खिलाफ रजिस्ट्रार कार्यालय ने कहा कि पावर ऑफ अटॉर्नी सही तरीके से नहीं साइन की गई थी और संबंधित पार्टी को उत्तरदाताओं के रूप में नामित नहीं किया गया था, जिसके चलते याचिका खारिज की गई।
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वकील मलिक शहनावाज नून ने बताया कि वह जरूरी बदलाव करके दोबारा याचिका दायर करेंगे। भारतीय नागरीक रफीक जट्ट को पाकिस्तानी सेना ने 2008 में गिरफ्तार किया था। ट्रायल के बाद 2012 में उसे पांच साल के लिए जेल भेज दिया गया।
वीजा वैध होने के बाद भी कर लिया गिरफ्तार
शहनावाज ने बताया कि रफीक मुस्लिम समुदाय से आते हैं और वह गुजरात के रहने वाले हैं। 2008 में वह पाकिस्तान वैध वीजा पर आए थे, जब पाकिस्तानी सेना ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पाक सेना ने उन्हें सेक्सन 59 के तहत गिरफ्तार किया था।
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सजा के दौरान रफीक को अन्य कैदियों से अलग जेल में रखा गया। हालांकि अब उन्हें कराची जेल में ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें 8 मार्च 2012 को सजा सुनाई गई, जो इस साल मार्च में पूरी हो चुकी है, लेकिन उन्हें फिर भी रिहा नहीं किया गया।
रफीक ने बताया कि वह यहां लंबे समय से फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया कि उनके घर पर उनकी मां अकेले है, उनकी पत्नी को मजबूरन खेतों में मजदूरी करनी पड़ रही है। वकील ने बताया कि रफीक जट्ट का नौ साल का एक बेटा भी है।