'कट्टर हिंदुत्व' और पहले परमाणु हमले की पहल से खौफ में पाक
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भारत की ओर से नीतियों के विरुद्ध जाकर पहले परमाणु हमले की बात से पाकिस्तान परेशान है। भारत में कट्टर हिंदुत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इस बात को और बल दिया है। अब पड़ोसी देश के विशेषज्ञों का भी मानना है कि भारत परमाणु करार से संबंधित सभी नीतियों के विरुद्ध जाकर पाकिस्तान पर पहले हमला करने में संकोच नहीं करेगा।
इस बात की पुष्टि देश के जॉइंट चीफ और स्टाफ कमिटी के पूर्व चेयरमैन एहसान उल हक के बयान से हो जाती है। 'लर्निंग टु लिव विद द बॉम्ब, पाकिस्तान 1998-2016' के लांच पर उन्होंने माना कि परमाणु विशेषज्ञों की ओर से परमाणु करार के विरूद्ध जाकर हमला करने की बात सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा हिंदुत्व छवि वाली भाजपा सरकार द्वारा कमान सौंपने के बाद हो रहा है। पाकिस्तान के सामरिक नियोजन विभाग के डॉ नईम सालिक ने इस किताब को लिखा है।
दरअसल पाकिस्तान की चिंता तब से बढ़ी है, जब अमेरिका की मशहूर मैसाच्युसैट्स यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के जाने-माने न्यूक्लियर स्ट्रैटेजिस्ट विपिन नारंग ने वाशिंगटन में आयोजित 2017 कार्नेगी इंटरनेशनल न्यूक्लियर पॉलिसी कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत पाकिस्तान को कभी यह मौका नहीं देगा कि वह भारत पर परमाणु हमला करे। भारत परमाणु हमले की आशंका पर पाक से पहले ही परमाणु हमला कर देगा।
जरूरत पड़ी तो पहले हमला न करने की नीति को बदलने में देर नहीं लगाएंगे
उन्होंने कहा था कि, 'भारत पाकिस्तान की आबादी वाले हिस्से को निशाना न बनाकर पड़ोसी देश के उन ठिकानों पर हमला करेगा जहां पर परमाणु हथियारों का भंडार होगा। ऐसा करके भारत युद्ध की स्थिति में शुरुआती दौर में ही अपना पलड़ा भारी कर लेगा। ऐसा करने से उसे पाकिस्तान की तरफ से किसी भी प्रकार के परमाणु हमले का भय नहीं रहेगा।'
वहीं इससे पहले पिछले साल नवंबर में रक्षामंत्री मनोहर परिकर ने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर भारत की नीति बदलने की वकालत की थी। उन्होंने हैरानी जताई थी कि हम अभी तक ‘परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं’ करने की नीति से ही बंधे हुए हैं जबकि इसके बजाय हम यह कह सकते हैं कि ‘हम एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति हैं और इसका गैर-जिम्मेदाराना इस्तेमाल नहीं करेंगे।’
एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए परिकर यह तक बोल गए कि 'अगर जरूरत पड़ी तो पहले हमला न करने की इस नीति को वह बदलने में देर भी नहीं लगाएंगे।' हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि यह उनकी निजी राय है।
बता दें कि पाकिस्तान परमाणु हथियारों के बल पर आतंकवाद का इस्तेमाल कर रहा है, अगर यही हालात बने रहते हैं तो नीतियों के विरुद्ध जाकर भारत पहले परमाणु हमला कर मुंह तोड़ जवाब दे सकता है।