बाल शोषण और दुष्कर्म के आरोप में एक स्कूल के प्रधानाचार्य को 105 साल की सजा
पेशावर में एक सत्र अदालत ने मंगलवार को एक प्राइवेट स्कूल के प्रधानाचार्य को बाल शोषण, दुष्कर्म पोर्नोग्राफी, ब्लैकमेल व अवैध संबंध बनाने के आरोप में 105 साल की कैद की सजा सुनाई।
दोषी अताउल्ला मारवात पर जेल की सजा के साथ 14 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मामले में सजा सत्र न्यायाधीश यूनिस खान ने सुनाई। आरोपी प्राइवेट स्कूल का मालिक है। 14 जुलाई 2017 को एक छात्र ने उसके खिलाफ हयाताबाद पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। छात्र ने आरोप लगाया था कि अताउल्ला स्कूली बच्चों व लड़कियों का यौन शोषण करता था।
पुलिस ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया था। मारवात को मामले में दोषी पाया गया और पाकिस्तानी पैनल कोड की धारा 354-ए, 365-बी और धारा 377 के तहत उसे कठोर आजीवन कैद की सजा सुनाई गई थी। इसके साथ ही उसे धारा 354 के तहत दो साल और धारा 376 के तहत 20 साल की सजा सुनाई गई थी।
इन मामलों में पाया दोषी
दोषी के खिलाफ 25 पीड़ितों ने प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से पुलिस को बयान दर्ज कराए थे। हालांकि, माना जाता है कि पीड़ितों की बड़ी संख्या सामने ही नहीं आई। मारवात के खिलाफ एक आरोप यह भी था कि उसने 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं का यौन शोषण भी किया।
इसके अलावा उस पर यौन शोषण के दौरान मोबाइल फोन व स्कूल में लगे गुप्त वीडियो कैमरों द्वारा वीडियो रिकॉर्डिंग करने और उन्हें यूएसबी में सेव करने का भी आरोप है। अताउल्ला पर आरोप हैं कि उसने जान से मारने की धमकी देकर कई महिलाओं का शोषण किया।
पुलिस ने बरामद किए वीडियो
पिछले साल गिरफ्तारी के बाद दोषी प्रधानाचार्य ने न्यायायिक मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया था। हालांकि उसने कहा था कि वह व्यभिचार के उद्देश्य से स्कूल में बाहर से महिलाओं को लाता था। उसने कहा था कि अपनी यौन गतिविधियों का वीडियो बनाना उसका शौक है। उसने बताया था कि ऐसे 26 वीडियो उसके कंप्यूटर में सेव हैं।
पुलिस ने यूएसबी ड्राइव और मेमोरी कार्ड बरामद किए जिसमें कई ऐसे वीडियो मिले जिनमें दोषी प्रधानाचार्य को छात्र-छात्राओं का शोषण करते हुए पाया गया था।