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पाकिस्तान में पहली बार उच्च न्यायालय की महिला मुख्य न्यायधीश बनीं जज ताहिरा सफदर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:03 AM IST
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ताहिरा सफदर
न्यायधीश ताहिरा सफदर ने पाकिस्तान के किसी भी उच्च न्यायालय में पहली महिला मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शनिवार को शपथ ली। न्यायाधीश सफदर ने बलूचिस्तान में गवर्नर हाउस में आयोजित एक समारोह में बलूचिस्तान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ ली।
उन्होंने 1982 में उस समय इतिहास रच दिया था जब वो बलूचिस्तान में पहली महिला दिवानी न्यायाधीश बनी थीं। उन्होंने क्वेटा के केंटोनमेंट पब्लिक स्कूल से शिक्षा हासिल की और वहीं के गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। उन्होंने बलूचिस्तान विश्वविद्यालय से उर्दू साहित्य में परास्नातक की डिग्री हासिल की और साथ ही 1980 में क्वेटा के यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री प्राप्त की।
ताहिरा सफदर ने 1980 में ही इतिहास रच दिया था बलूचिस्तान में पहली महिला सिविल जज बन कर। बलूचिस्तान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश मुहम्मद नूर मेसकानजाई सेवानिवृत हो चुके हैं और जस्टिस सफदर उन्ही की जगह लेंगी।
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अभी वो पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ पर देशद्रोह के मुकदमे की सुनवाई कर रही तीन न्यायाधीशों की विशेष अदालत की सदस्य हैं।
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उन्होंने 1982 में उस समय इतिहास रच दिया था जब वो बलूचिस्तान में पहली महिला दिवानी न्यायाधीश बनी थीं। उन्होंने क्वेटा के केंटोनमेंट पब्लिक स्कूल से शिक्षा हासिल की और वहीं के गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। उन्होंने बलूचिस्तान विश्वविद्यालय से उर्दू साहित्य में परास्नातक की डिग्री हासिल की और साथ ही 1980 में क्वेटा के यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री प्राप्त की।
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ताहिरा सफदर ने 1980 में ही इतिहास रच दिया था बलूचिस्तान में पहली महिला सिविल जज बन कर। बलूचिस्तान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश मुहम्मद नूर मेसकानजाई सेवानिवृत हो चुके हैं और जस्टिस सफदर उन्ही की जगह लेंगी।
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अभी वो पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ पर देशद्रोह के मुकदमे की सुनवाई कर रही तीन न्यायाधीशों की विशेष अदालत की सदस्य हैं।