{"_id":"572474684f1c1b5e0ca91df7","slug":"pakistan-f-16-deal-end-with-america","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान ने कहा एफ16 लड़ाकू विमानों पर बात खत्म नहीं हुई","category":{"title":"Pakistan","title_hn":"पाकिस्तान","slug":"pakistan"}}
पाकिस्तान ने कहा एफ16 लड़ाकू विमानों पर बात खत्म नहीं हुई
बीबीसी
Updated Sat, 30 Apr 2016 04:12 PM IST
विज्ञापन
एफ16 लड़ाकू विमानों पर बात खत्म नहीं हुई
- फोटो : BBC
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार तारिक़ फ़ातमी ने कहा है कि एफ-16 विमानों की फ़ंडिंग के लिए कांग्रेस को राज़ी करने की ज़िम्मेदारी बराक ओबामा प्रशासन की है और यह सौदा अभी ख़त्म नहीं हुआ है।
विज्ञापन
बीबीसी उर्दू सेवा के रेडियो कार्यक्रम के एक साक्षात्कार में तारिक़ फ़ातमी ने इस बात को स्वीकार किया कि अमरीकी कांग्रेस में दूसरे देशों की सेना की फ़ंडिंग को लेकर मतभेद है लेकिन अमरीकी प्रशासन की ओर से पाकिस्तानी सेना को मदद की पेशकश अपनी जगह मौजूद है। अमरीकी कांग्रेस ने एफ़-16 विमानों की ख़रीद के लिए अमरीकी सरकार की तरफ़ से पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद को मंज़ूरी देने से इनक़ार कर दिया था।
विज्ञापन
इन ख़बरों के बावजूद तारिक़ फ़ातमी ने भरोसा जताया है कि पाकिस्तान का मामला बहुत मज़बूत है और आतंकवाद के ख़िलाफ़ पाकिस्तान अपनी सेवाएं दे रहा है इसलिए पाकिस्तान को यह मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अमरीकी प्रशासन से इस मामले पर बातचीत जारी है और पाकिस्तान के राजनयिक इस कोशिश में हैं कि कांग्रेस के सदस्यों से मुलाक़ात कर उन्हें पाकिस्तान के रुख़ से अवगत कराएं। तारिक़ फ़ातमी ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में आठ एफ़-16 विमान के लिए अमरीका से गुज़ारिश की थी। और, ये विमान अहम भूमिका निभा सकते हैं और अमरीका को भी इस बात का अंदाज़ा है।
विज्ञापन
तारिक़ फ़ातमी ने कहा कि पिछले दो सालों में आतंकवाद के ख़िलाफ़ अभियान में पाकिस्तान सीमित संसाधनों में से दो अरब डॉलर ख़र्च कर चुका है। उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल पाकिस्तान के हित में है बल्कि इसका फ़ायदा अमरीका और अफ़गानिस्तान के अलावा क्षेत्र के दूसरे देशों को भी मिल रहा है। तारिक़ फ़ातमी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमरीकी प्रशासन कांग्रेस को राज़ी कर लेगा और अगर ऐसा नहीं भी हो पाया तो अमरीकी प्रशासन के पास और भी कई रास्ते हैं।