फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan ›   pakistan court impose Indictment on nawaz Sharif on 2 october in corruption cases

भ्रष्टाचार मामलों में पाक अदालत 2 अक्टूबर को नवाज शरीफ पर लगाएगी अभियोग

Wed, 27 Sep 2017 05:04 AM IST
एजेंसी, इस्लामाबाद
एजेंसी, इस्लामाबाद Updated Wed, 27 Sep 2017 05:04 AM IST
विज्ञापन
pakistan court impose Indictment on nawaz Sharif on 2 october in corruption cases

पाकिस्तान में प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य ठहराये जाने के बाद इस्तीफा दे चुके नवाज शरीफ मंगलवार को पनामा पेपर घोटाला मामले में राष्ट्रीय जवाबदेही अदालत के सामने पेश हुए। इस मामले में अदालत ने 2 अक्टूबर को शरीफ पर अभियोग लगाने का फैसला किया है।

विज्ञापन


अदालत ने उनके बच्चों और दामाद के खिलाफ भी नया गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। संक्षिप्त सुनवाई के दौरान 67 वर्षीय शरीफ ने न्यायाधीश मुहम्मद बशीर को सूचित किया कि उनकी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं थी और उन्हें उनकी देखभाल करने की जरूरत है। इसके बाद उन्हें अदालत से जाने की इजाजत दे दी गई।
विज्ञापन


इसके बाद अदालत को 10 मिनट के लिये स्थगित किया गया। बाद में सामान्य कार्यवाही फिर शुरू की गई। यह पेशी महज एक औपचारिकता थी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आरोपी मुकदमे का सामना करने के लिये तैयार है। शरीफ करीब 10 मिनट तक अदालत में रहे। शरीफ के काफिले में 35 से ज्यादा गाड़ियां शामिल थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले में सुनवाई जब फिर से शुरू हुई तब न्यायाधीश ने मरियम, हुसैन, हसन और शरीफ के दामाद सफदर के बारे में पूछा जिन्हें पेश होने का आदेश दिया गया था। तब शरीफ ने बताया कि ये सब लंदन में उनकी पत्नी के साथ हैं। शरीफ के कानूनी सहायक बैरिस्टर जफरूल्लाह खान ने मीडिया को बताया कि अदालत को अभियोग लगाने के लिये और वक्त देना चाहिये था।

उन्होंने कहा कि जब तक सभी आरोपी अदालत में पेश नहीं हो जाते तब तक अदालत अभियोग नहीं लगा सकती।

​शरीफ ने की न्यायपालिका की आलोचना

pakistan court impose Indictment on nawaz Sharif on 2 october in corruption cases

पनामा पेपर्स घोटाले में दोषी पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ ने न्यायपालिका की आलोचना की है क्योंकि उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में अयोग्य घोषित किया गया। अभियोजन पक्ष पर पनामा पत्रों के भ्रष्टाचार घोटाले में उनके या परिवार के खिलाफ कोई भी आरोप साबित करने में विफल हो गए।

67 वर्षीय शरीफ की टिप्पणी के बाद अदालत मे अदालत ने भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने के लिए पहली बार प्रधान मंत्री पद छोड़ने के बाद इस मामले में 2 अक्टूबर को शरीफ पर चार्ज लगाने का फैसला किया है।

जवाबदेही न्यायालय के अनुसार शरीफ ने कहा कि उन्हें पनामा पेपर्स मामले में निशाना बनाया गया था और अभियोजन पक्ष की विफलता के बावजूद उनपर या उनके परिवार द्वारा गलत साबित करने पर लिए निकाल दिया गया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed